कारों में किसी का फ्यूल वाला ढक्कन लेफ्ट तो किसी का राइट साइड क्यों होता है? जानिए वजह

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 25 May 2026 12:00 AM

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कार का फ्यूल ढक्कन अलग-अलग साइड क्यों दिया जाता है / एआई-जेनरेटेड रिप्रेजेंटेशनल इलस्ट्रेशन

हर कार में पेट्रोल भरने का ढक्कन एक जैसा क्यों नहीं होता? जानिए फ्यूल फिलर की लेफ्ट-राइट पोजिशन के पीछे छिपी इंजीनियरिंग, सेफ्टी और डिजाइन से जुड़ी दिलचस्प वजहें.

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सड़क पर चलते समय आपने कई बार नोटिस किया होगा कि कुछ कारों का फ्यूल फिलर कैप लेफ्ट साइड में होता है, जबकि कुछ कारों में यह राइट साइड दिया जाता है. कई लोगों को लगता है कि इसका संबंध सिर्फ डिजाइन से है, लेकिन इसके पीछे इंजीनियरिंग, सेफ्टी और अलग-अलग देशों की ड्राइविंग आदतों तक का बड़ा रोल होता है. दिलचस्प बात यह है कि दुनियाभर में आज तक कोई ऐसा नियम नहीं बना, जो तय करे कि हर कार में पेट्रोल भरने का ढक्कन एक ही तरफ होना चाहिए. यही वजह है कि अलग-अलग कंपनियां अपनी जरूरत और सोच के हिसाब से इसकी पोजिशन तय करती हैं.

कार के डिजाइन और इंजीनियरिंग से जुड़ा है मामला

कार बनाने के दौरान कंपनी को सिर्फ बाहर का डिजाइन नहीं, बल्कि नीचे मौजूद फ्यूल टैंक, एग्जॉस्ट सिस्टम, सस्पेंशन और वायरिंग तक का ध्यान रखना पड़ता है. कई बार फ्यूल फिलर पाइप को जिस तरफ आसानी से फिट किया जा सके, उसी तरफ ढक्कन दिया जाता है. यही कारण है कि एक ही प्लैटफॉर्म पर बनी दो अलग कारों में भी फ्यूल कैप की पोजिशन बदल सकती है.

अलग-अलग देशों की ड्राइविंग आदतें भी हैं वजह

भारत, जापान और ब्रिटेन जैसे देशों में गाड़ियां सड़क के लेफ्ट साइड चलती हैं. ऐसे में कुछ कंपनियां ड्राइवर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फ्यूल फिलर लेफ्ट साइड देती हैं, ताकि पेट्रोल भरवाते समय व्यक्ति ट्रैफिक की तरफ खड़ा न हो. वहीं अमेरिका जैसे देशों में कई कारों में यह राइट साइड मिलता है. हालांकि यह कोई फिक्स नियम नहीं है, क्योंकि कई ग्लोबल मॉडल्स पूरी दुनिया में एक जैसे ही बेचे जाते हैं.

सेफ्टी और बैलेंस का भी रहता है ध्यान

कार कंपनियां फ्यूल फिलर की लोकेशन तय करते समय क्रैश सेफ्टी का भी ध्यान रखती हैं. कई बार इसे एग्जॉस्ट सिस्टम से दूर रखा जाता है, ताकि गर्मी का असर कम हो. वहीं कुछ कारों में बेहतर वजन संतुलन और टैंक की सुरक्षित पोजिशनिंग के लिए भी फिलर को खास साइड पर रखा जाता है.

पेट्रोल पंप पर भी मिल सकता है फायदा

दिलचस्प बात यह है कि अलग साइड वाला फ्यूल कैप कई बार पेट्रोल पंप पर फायदा भी देता है. आमतौर पर लोग एक ही साइड वाली लाइन में ज्यादा खड़े होते हैं, जबकि दूसरी तरफ कम भीड़ होती है. ऐसे में अलग साइड वाले वाहन जल्दी फ्यूल भरवा लेते हैं.

कार में बिना उतरे ऐसे पता करें फ्यूल कैप किस तरफ है

अगर आप नई कार चला रहे हैं और समझ नहीं आ रहा कि पेट्रोल ढक्कन किस तरफ है, तो इसका आसान तरीका भी मौजूद है. स्पीडोमीटर के पास बने फ्यूल आइकन के साथ एक छोटा ऐरो दिया जाता है. यह ऐरो जिस दिशा में होता है, फ्यूल फिलर उसी तरफ मौजूद होता है.
अगर ऐरो लेफ्ट की तरफ है, तो ढक्कन बाईं ओर होगा और राइट ऐरो का मतलब दाईं ओर फ्यूल कैप होना है.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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