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सावधान! खतरे में है आपका स्मार्टफोन, गूगल प्ले के 800 एप्स पर हो चुका है मालवेयर अटैक

Updated at : 24 Jun 2017 11:26 AM (IST)
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सावधान! खतरे में है आपका स्मार्टफोन, गूगल प्ले के 800 एप्स पर हो चुका है मालवेयर अटैक

नयी दिल्लीः सावधान! अगर आप स्मार्टफोन यूजर्स हैं, तो आपके एंड्राॅयड फोन में रखे गये आपकी डिटेल को कभी भी खंगाला जा सकता है. आपके मोबाइल में रखी गयी डिटेल को खंगालने के लिए एप्स के जरिये लगातार साइबर हमले किये जा रहे हैं. अभी शुक्रवार को ही साइबर हमलावरों ने गूगल प्ले स्टोर के […]

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नयी दिल्लीः सावधान! अगर आप स्मार्टफोन यूजर्स हैं, तो आपके एंड्राॅयड फोन में रखे गये आपकी डिटेल को कभी भी खंगाला जा सकता है. आपके मोबाइल में रखी गयी डिटेल को खंगालने के लिए एप्स के जरिये लगातार साइबर हमले किये जा रहे हैं. अभी शुक्रवार को ही साइबर हमलावरों ने गूगल प्ले स्टोर के करीब 800 से अधिक एप्स पर मालवेयर नामक साइबर हमला किया गया है.

इस खबर को भी पढ़ेंः साइबर हमला: हैकरों ने अमेरिका से भी वसूली फिरौती

वैश्विक साइबर सुरक्षा कंपनी ट्रेंड माइक्रो का कहना है कि उसने शुक्रवार को गूगल प्ले स्टोर के 800 से अधिक एप्स में ट्रोजन एंड्रायड माललवेयर जेवियर की पहचान की है. इन एप्स को यूजर्स द्वारा कई बार डाउनलोड किया जा चुका है. यह वायरस यूजर्स की डिवाइस में अटैक कर उसकी सारी जानकारियों को चुराता है. यह वायरस यूजर्स के मोबाइल में आ जाये, तो कौन सी जानकारी चुरा रहा है, यह बताना मश्किल है.

अनजाने सोर्स से न करें किसी भी एप को डाउनलोड

मीडिया में ट्रेंड माइक्रो के एक बयान में कहा गया है कि इस मालवेयर से प्रभावित एप में यूटिलिटी एप से लेकर फोटो एप, वॉलपेपर एप और रिंगटोन चेंजर एप तक शामिल हैं. हम इस प्रकार के खतरों से यूजर को बचाने के लिए मोबाइल सुरक्षा समाधान उपलब्ध कराते हैं. ट्रेंड माइक्रो के कंट्री मैनेजर नीलेश जैन का कहना है कि जेवियर जैसे बेहद तेज मालवेयर से बचने का सबसे आसान तरीका यही है कि किसी अनजाने सोर्स से एप्स को डाउनलोड या इंस्टाल न करें, चाहे वह गूगल प्ले स्टोर से ही क्यों न हो.

तीन करोड़ से अधिक मोबाइल यूजर्स को पहले ही बनाया जा चुका है शिकार

कुछ समय पहले ही, Judy नाम के वायरस की चपेट में करीब 3 करोड़ से ज्यादा यूजर्स प्रभावित हुए थे. यह दावा चेक प्वाइंट नाम की एक रिसर्च फर्म ने किया था. इस कंपनी ने गूगल प्ले स्टोर पर 41 प्रभावित एप्स को पहचान कर गूगल को अलर्ट कर दिया है. चेक प्वाइंट ने इस मालवेयर को ऑटो क्लिकिंग एडवेयर बताया है. इस जानकारी के बाद गूगल ने इसे प्ले स्टोर से रिमूव करना शुरू कर दिया है. यही नहीं, रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि इसकी डाउनलोड संख्या 40 लाख से बढ़कर 1.8 करोड़ तक पहुंच गयी थी.

अप्रैल में टाॅप के 10 शिक्षण संस्थानों की वेबसाइट को किया गया था हैक

इसके पहले अप्रैल महीने के आखिरी दिनों में पाकिस्तानी हैकर्स ने भारत के करीब 10 शिक्षण संस्थानों की वेबसाइट हैक कर लिया था. हैक की गयी वेबसाइट्स में देश के टॉप संस्थान शामिल थे. इनमें ज्यादातर संस्थान सेना आैर रक्षा से जुड़े थे. उस समय हैक की गयह वेबसाइट्स में आईआईटी दिल्ली, आईआईटी भुवनेश्वर, दिल्ली यूनिवर्सिटी, नेशनल एयरोस्पेस लैबोरैट्रीज और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की वेबसाइट शामिल हैं.
हैकर्स ने इन वेबसाइट्स को हैक करके उन पर पाकिस्तान जिंदाबाद लिखा है. इसके अलावा कशमीर के बारे में भी लिखा गया था. इन वेबसाइट्स की हैकिंग का दावा पाकिस्तान के पीएचसी ग्रुप ने किया थी. आपको बता दें कि पिछले साल इसी हैकर ग्रुप ने ही भारत की लगभग 7,100 वेबसाइट्स को हैक करने का दावा किया था.
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