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एनएच-80 . घोरघट से मिरजाचौकी तक जर्जर सड़क जिला प्रशासन के लिए बना सिरदर्द

Updated at : 06 Mar 2016 5:38 AM (IST)
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एनएच-80 . घोरघट से मिरजाचौकी तक जर्जर सड़क जिला प्रशासन के लिए बना सिरदर्द

तमाम दावों के बाद भी नहीं सुधरी हालत भागलपुर जिला अंतर्गतूू नेशनल हाइवे(एनएच-80) प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गया है. घोरघट से मिरजाचौकी तक की सड़क सालों से जर्जर है. इसके निर्माण को लेकर जिलाधिकारी ने लगातार नेशनल हाइवे के इंजीनियरों को बुलाकर फटकार लगायी. इसके बावजूद न तो सड़क बनी और न मरम्मत हो […]

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तमाम दावों के बाद भी नहीं सुधरी हालत

भागलपुर जिला अंतर्गतूू नेशनल हाइवे(एनएच-80) प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गया है. घोरघट से मिरजाचौकी तक की सड़क सालों से जर्जर है. इसके निर्माण को लेकर जिलाधिकारी ने लगातार नेशनल हाइवे के इंजीनियरों को बुलाकर फटकार लगायी. इसके बावजूद न तो सड़क बनी और न मरम्मत हो सकी है.
भागलपुर : भागलपुर रेलवे स्टेशन से बाबूपुर मोड़ 129 से 135 किमी : भागलपुर रेलवे स्टेशन से बाबूपुर मोड़ के बीच करीब सात किमी लंबी सड़क का निर्माण पटना के बादल युवराज कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने कराया है. सड़क टूट गयी है. सड़क पर गहरे गड्ढे बन गये हैं. सबसे खराब स्थिति घंटा घर और जेल रोड के बीच है. पहले मिली चेतावनी पर ठेकेदार ने तो मेंटनेंस कराया था. मगर मेंटेनेंस के नाम पर केवल खानापूरी की गयी थी. सड़क निर्माण पर 10.50 करोड़ की लागत आयी थी.
अकबरनगर से भागलपुर रेलवे स्टेशन 114 से 128 किमी : अकबरनगर से भागलपुर रेलवे स्टेशन के बीच लगभग 12 किमी लंबी सड़क का भी निर्माण बाबा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड ने कराया है. मेंटेनेंस अवधि में रहने के बाद भी ठेकेदार की ओर से इसका मेंटेनेंस नहीं कराया जा रहा है. एनएच के इस हिस्से की सड़क भी टूटने लगी है. सड़क के निर्माण पर पांच करोड़ से अधिक राशि खर्च हुई है.
अकबरनगर (94 से 113 किमी) : घोरघट से अकबरनगर के बीच करीब 20 किमी लंबी सड़क का बाबा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड ने निर्माण कराया है. यह सड़क मेंटेनेंस अवधि में है. बावजूद मेंटेनेंस नहीं कराया जा रहा है. सड़क टूटने लगी है. गड्ढे भी बनने लगे हैं. सड़क निर्माण पर लगभग नौ करोड़ रुपये की लागत आयी थी.
बाबूपुर मोड़ से पक्कीसराय (136 से 152 किमी) : बाबूपुर मोड़ से पक्कीसराय के बीच 17 किमी लंबी सड़क का निर्माण बाबा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड ने कराया है. निर्माण के बाद से सड़क का मेंटेनेंस नहीं हुआ है. मेंटेनेंस के बिना सड़क बदहाल होकर रह गयी है. इस पर चलना नामुमकिन सा हो गया है. सड़क के निर्माण पर करीब 12 करोड़ लागत आयी थी. फिलहाल, बाढ़ क्षतिग्रस्त योजना से मरम्मत होना है और ठेकेदार द्वारा काम शुरू किया जा रहा है.
पक्कीसराय से रमजानीपुर (153 से 166 किमी): पक्कीसराय से रमजानीपुर के बीच 13 किमी लंबी सड़क का निर्माण एसएंडपी इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा कराया गया है. इसके निर्माण पर नौ करोड़ से ज्यादा लागत आयी थी. निर्माण के बाद से मरम्मत नहीं हो सका है. सड़क गड्ढों में तब्दील हो गया है. लगातार चेतावनी के बाद भी सड़क का मेंटनेंस नहीं कराया जा रहा है.
रमजानीपुर से पीरपैंती (167 से 180 किमी) : रमजानीपुर से पीरपैंती के बीच सड़क बनी नहीं. तकरीबन 35 करोड़ का डीपीआर पिछले डेढ़ साल से मंत्रालय में पड़ा है. मंत्रालय से अगर स्वीकृति मिल जाये, तो यह सड़क 35 करोड़ की लगात से बन सकेगी. इधर, विभाग ने अल्पकालीन मरम्मत कार्य योजना के तहत मरम्मत कराना शुरू किया है. इस पर लागत 1.47 करोड़ आयेगी.
पीरपैंती से मिरजाचौकी (181 से 190 किमी) : पीरपैंती से मिरजाचौकी के बीच तकरीबन 9.95 करोड़ की लागत से यह सड़क कई साल पहले बनी थी. अब यह जर्जर हो गयी है. निर्माण की जरूरत है. मगर, विभाग केवल मरम्मत करा रहा है. मरम्मत कार्य शुरू हो गया है. इस पर करीब 2.89 करोड़ रुपये खर्च आयेगा.
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