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शहर के आधे भाग में नहीं बिखर रही दुधिया रौशनी

Updated at : 03 Dec 2015 9:18 PM (IST)
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शहर के आधे भाग में नहीं बिखर रही दुधिया रौशनी

जहानाबाद : एनएच और शहर के प्रमुख स्थानों पर छाये रहने वाले अंधियारे को खत्म कर रौशनी की सुविधा बहाल करने और शहर को सुंदर दिखने के लिए करीब डेढ़ करोड़ की लागत से अलग-अलग समय में 11 हाइमास्ट लाइटें लगायी गयी थी. फिलहाल स्थिति यह है कि एनएच 83 के काको मोड़, उंटा मोड़, […]

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जहानाबाद : एनएच और शहर के प्रमुख स्थानों पर छाये रहने वाले अंधियारे को खत्म कर रौशनी की सुविधा बहाल करने और शहर को सुंदर दिखने के लिए करीब डेढ़ करोड़ की लागत से अलग-अलग समय में 11 हाइमास्ट लाइटें लगायी गयी थी. फिलहाल स्थिति यह है कि एनएच 83 के काको मोड़, उंटा मोड़, अरवल मोड़, मलहचक मोड़, न्यू इंडोर स्टेडियम और ठाकुरवाड़ी मोहल्ले में लगायी गयी लाइटें खराब पड़ी हैं.

एक लाइट स्थापित करने में 10 लाख रुपए व्यय किये गये थे जिसका कोई औचित्य नहीं है. सिर्फ दीपावली दशहरे में जलती है लाइट: अमूमन यह देखा गया है कि बेकार पड़ी लाइटों को दशहरे और दीपावली के मौके पर दुरुस्त किया जाता रहा है. अभी सम्पन्न हुए त्योहार के मौके पर लाइटें जली थी लेकिन समुचित रखरखाव नहीं किये जाने से हाइमास्ट लाइट फिर से बेकार पड़े हैं.

जिन स्थानों पर खराब हालत वाली लाइट खड़ी है वहां अंधेरा छाया रहता है. वो तो गनीमत है कि दुकानों की लाइटों से सड़क पर रौशनी बिखरी रहती है. दुकानें बंद होते ही छा जाता है अंधेरा. आधी एलइडी लाइटें जलती ही नहीं: हाइमास्ट लाइट के अलावा तकरीबन एक करोड़ सात लाख की लागत से शहर में एलइडी लाइटें भी लगायी गयी हैं.

डीएम आवास से समाहरणालय तक एनएच 83 के दोनों ओर जब लाइटें लगायी गयी थी तो शहरवासियों में खुशी इस कदर था कि उनका शहर भी दुधिया रौशनी से जगमगायेगा. पर यह क्षणिक खुशी थी. कई स्थानों पर एलइडी जलती ही नहीं. उंटा मोड़ा से अरवल मोड़ और अस्पताल मोड़ से बत्तीस भंवरीया पुल तक एक तरफ की लाइटें बिल्कुल बंद है.

रखरखाव का आलम यह है कि जो एलइडी जलती है उसे दिन में भी जलते छोड़ दिया जाता है. जिससे वो खराब हो रही है. वोल्टेज में उतार-चढ़ाव खराबी होने का करण है. बुडको को मिली है जिम्मेवारी: एक करोड़ सात लाख रुपए की लागत से शहर में 125 एलइडी लाइटें लगाने की जिम्मेवारी बुडको को मिली है.

लेकिन आधे-अधूरे काम कर कार्यकारी एजेंसी ने फिलहाल अपना पल्ला झाड़ लिया है. इस बात को लेकर जहानाबाद के डीएम मनोज कुमार सिंह गंभीर हैं. उन्होंने नगर परिषद को इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. क्या कहते हैं अधिकारी:इस बावत जहानाबाद के नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी संजीव कुमार का कहना है कि हाइमास्ट लाइटों को खराब करने के लिए कुछ स्थानीय लोग भी जिम्मेवार हैं.

कुछ असामजिक तत्व भी तार खींचकर गड़बड़ी कर देते हैं. उन्होंने कहा कि खराब हालत वाली लाइटों को दुरुस्त कराया जा रहा है. जहां तक एलइडी लाइट का सवाल है तो बुडको ने नगर परिषद को अभी हस्तांतरित नहीं किया है. कार्यकारी एजेंसी को सभी लाइटें जलाकर शीघ्र हस्तांतरण करने के लिए कई बार कहा जा चुका है.

बुडको के परियोजन निदेशक को एक और पत्र भेजा गया है. खराब एलइडी लाइटें दुरुस्त करने को कहा गया है. इन स्थानों पर है हाइमास्ट लाइट 1 काको मोड़ 6 मलहचक मोड़ 2 उंटा मोड़ 7 न्यू इंडोर स्टेडियम 3 अरवल मोड़ 8 ठाकुरबाड़ी मुहल्ला 4 बत्तीस भंभारी मोड़ 9 राजाबाजार 5 कारगिल चौक 10 गांधी मैदान के समीप

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