ePaper

दो माह से बच्चों को नहीं मिला रहा मध्याह्न भोजन

Updated at : 14 Jul 2015 11:07 AM (IST)
विज्ञापन
दो माह से बच्चों को नहीं मिला रहा मध्याह्न भोजन

-चावल और राशि है उपलब्ध -हाल उत्क्रमित मध्य विद्यालय नटवां का संवाददाता, पंचदेवरी अधिकारियों की उदासीनता और शिक्षकों की मनमानी से बच्चों के मिड डे मील योजना पर ग्रहण लग गया है. विद्यालय में चावल उपलब्ध है. बैंक खाते में राशि उपलब्ध है, फिर भी यहां वर्चस्व की होड़ में एमडीएम कार्य बंद है. यह […]

विज्ञापन

-चावल और राशि है उपलब्ध -हाल उत्क्रमित मध्य विद्यालय नटवां का संवाददाता, पंचदेवरी अधिकारियों की उदासीनता और शिक्षकों की मनमानी से बच्चों के मिड डे मील योजना पर ग्रहण लग गया है. विद्यालय में चावल उपलब्ध है. बैंक खाते में राशि उपलब्ध है, फिर भी यहां वर्चस्व की होड़ में एमडीएम कार्य बंद है. यह हाल है उत्क्रमित मध्य विद्यालय, नटवां का, जो कभी पोशाक राशि में अनियमितता तो कभी एमडीएम तो कभी प्रभार को लेकर सुर्खियों में रहा है. गौरतलब है कि इस विद्यालय से प्रधानाध्यापक रवींद्र कुमार का तबादला हो गया. यहां कुसुम यादव को प्रधानाचार्य का प्रभार तो मिला, लेकिन वित्तीय प्रभार नहीं मिल पाया. मार्च से लेकर अभी तक यहां मात्र दस दिन ही एमडीएम बना है. अब सवाल उठता है कि बच्चों की इस महत्वाकांक्षी योजना की व्यवस्था कौन करेगा. फिलहाल एमडीएम बंद होने से बच्चों तथा अभिभावकों में आक्रोश है.क्या कहते हैं एमडीएम प्रभारीयहां प्रभार के लेकर एमडीएम कार्य लंबे समय से बंद है. इसे चालू करने के लिए सख्त हिदायत दी गयी है. जल्द ही व्यवस्था शुरू हो जायेगी. धर्मवीर प्रसाद, एमडीएम प्रभारी, पंचदेवरीक्या कहते हैं बीइओ यहां प्रभार को लेकर झंझट था. नियमित शिक्षक योगदान कर चुके हैं. अब जल्द ही विद्यालय की सभी व्यवस्था ठीक हो जायेगी. अरविंद कुमार

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola