ग्रामीणों ने पंचायत भवन को बनाया गोशाला व खलिहान

आरा : गांव के विकास की रूपरेखा खींचने के लिए त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था के तहत सरकार ने पंचायतों को पंचायत सरकार भवन उपलब्ध कराया था, ताकि अपना गांव अपनी सरकार के माध्यम से गांव का विकास द्रुतगति से होगा. त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था की सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले का […]
आरा : गांव के विकास की रूपरेखा खींचने के लिए त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था के तहत सरकार ने पंचायतों को पंचायत सरकार भवन उपलब्ध कराया था, ताकि अपना गांव अपनी सरकार के माध्यम से गांव का विकास द्रुतगति से होगा. त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था की सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले का पंचायत भवन बदहाली के दौर से गुजर रहा है. अधिसंख्य पंचायत भवन तो गोशाला बन गये हैं.
पंचायत भवन में पंचायत व्यवस्था से जुड़े पंचायत स्तर के चुने हुए प्रतिनिधि तथा सरकारी कर्मियों द्वारा विकास योजनाओं पर मंथन करके उसे अंतिम रूप दिये जाने की कवायद करते हैं, वहां जानवरों का बसेरा बना हुआ है. गंदगी का साम्राज्य फैला हुआ है और तो और पंचायत सरकार भवन में लोग खेतों से काटी गयी फसलों को भी रख देते हैं. पंचायत स्तर के किसी भी प्रतिनिधि अथवा कर्मी को समय नहीं है कि पंचायत सरकार भवनों में बैठे तथा कार्य करें. वहीं भवन का रखरखाव करें.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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