अधिकारियों व विक्रेताओं ने मिल कर हड़पे अनुदान के 1.94 लाख
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :10 Mar 2018 4:45 AM (IST)
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जिला कृषि पदाधिकारी ने दर्ज करायी प्राथमिकी सरमेरा (नालंदा) : कृषि योजनाओं में अनुदान की राशि फर्जी तरीके से गबन कर लेने के आरोप में सरमेरा के प्रखंड कृषि पदाधिकारी सहित नौ लोगों पर जिला कृषि पदाधिकारी के आवेदन पर सरमेरा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. दर्ज मामले में सरमेरा के कई कृषि […]
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जिला कृषि पदाधिकारी ने दर्ज करायी प्राथमिकी
सरमेरा (नालंदा) : कृषि योजनाओं में अनुदान की राशि फर्जी तरीके से गबन कर लेने के आरोप में सरमेरा के प्रखंड कृषि पदाधिकारी सहित नौ लोगों पर जिला कृषि पदाधिकारी के आवेदन पर सरमेरा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. दर्ज मामले में सरमेरा के कई कृषि समन्वयक समेत कई दुकानदारों को अभियुक्त बनाया गया है. सभी पर फर्जी तरीके से विभाग से कुल 194300 रुपये का गबन कर लेने का आरोप लगाया गया है. मामला दर्ज होने के बाद सरमेरा पुलिस इसकी छानबीन में जुट गयी है. वित्त वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में कृषि यांत्रिकीकरण योजना के तहत सरमेरा प्रखंड के कृषकों द्वारा क्रय किये गये यंत्र के अनुदान का भुगतान किया गया था.
जिला कृषि पदाधिकारी अशोक कुमार द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने के लिए थाने को दिये गये आवेदन में कहा गया है कि कृषि यंत्र की खरीदारी के लिए किसानों से ऑनलाइन आवेदन लिये गये थे. इस आवेदन के आलोक में किसानों को स्वीकृति पत्र भी निर्गत किया गया था. इसके बाद क्रय किये गये यंत्र पर अनुदान की राशि कृषि समन्वयक/प्रखंड कृषि पदाधिकारी के सत्यापन के बाद सब्सिडी क्लेम के आधार पर भुगतान किया गया था. सहायक निदेशक पौधा संरक्षण नालंदा द्वारा इस मामले की जांच ग्राम पंचायत चेरो, ससौर, इसुआ, भुनकी, सरमेरा एवं केनार में की गयी थी. कृषि यांत्रिकीकरण योजना से लाभान्वित किसानों की जांच के क्रम में यह अनियमित अनुदान का मामला प्राप्त हुआ था और उन्होंने इसकी जांच रिपोर्ट जिला कृषि पदाधिकारी को सौंपी दी थी. इस जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला कृषि पदाधिकारी ने सरमेरा के प्रखंड कृषि पदाधिकारी सहित नौ दोषी लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करायी है.
तत्कालीन बीएओ, तीन कृषि समन्वयक व तीन दुकानदारों पर आरोप
दर्ज प्राथमिकी में सरमेरा के तत्कालीन प्रखंड पदाधिकारी राजेश कुमार, तत्कालीन कृषि समन्वयक रितेश कुमार, हरिनंदन प्रसाद, मे. ओम श्रीसत्य सांईं इंटरप्राइजेज, बिहारशरीफ के प्रोपराइटर नरेंद्र कुमार, मे. एग्रो सेंस एजेंसी बिहारशरीफ के प्रोपराइटर अशोक कुमार, मे. सोनम इंटरप्राइजेज, बिहारशरीफ के प्रोपराइटर छोटू कुमार, मे. आरपी इंटरप्राइजेज बिहारशरीफ के प्रोपराइटर व मे. एडी इंटरप्राइजेज, बिहारशरीफ के प्रोपराइटर सुधीर कुमार को अभियुक्त बनाया गया है. आवेदन में कहा गया है कि उक्त सभी पदाधिकारियों एवं विक्रेताओं ने मिलकर अनुदान की राशि का गबन किया है. इन लोगों ने वित्त वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 के दौरान 194300 रुपये की अनुदान राशि अनियमित तरीके से भुगतान कर फर्जीवाड़ा किया है. सरमेरा के थानाध्यक्ष उदय कुमार सिंह ने बताया कि जिला कृषि पदाधिकारी के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. पुलिस मामले का अनुसंधान कर रही है.
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