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सगराजोर में आदिवासी समुदाय के लोगों ने रूढ़िवादी प्रथा के तहत की माघ पूजा

Updated at : 01 Mar 2026 9:53 PM (IST)
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सगराजोर में आदिवासी समुदाय के लोगों ने रूढ़िवादी प्रथा के तहत की माघ पूजा

माघ पूजा के उपरांत वार्षिक लेखा जोखा किया प्रस्तुत

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प्रतिनिधि, पालोजोरी; एक ओर जहां आदिवासी समुदाय के लोग अपने पारंपरिक रीति-रिवाज व समाज में पुराने परंपराओं से कटते जा रहै हैं. वहीं, प्रखंड के सगराजोर गांव में आदिवासी समुदाय के लोग अपने पुराने परंपराओं को निभाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. रविवार को गांव के मांझी बाबा प्रेमचंद किस्कू की अगुवाई में आदिवासी समाज के लोगों ने अपने धार्मिक स्थल जाहेर थान में माघ पूजा का आयोजन किया. इसमें सगाराजोर के भी पांच टोला के लोगों का जुटान हुआ. इस अवसर पर वार्षिक लेखा जोखा प्रस्तुत किया गया. इसमें मुख्य रूप से मांझी हाड़ाम, परांनिक, गोड़ैत, नायकी बाबा व भगदअ ने हिस्सा लिया. मांझी बाबा प्रेमचंद किस्कू ने बताया कि रूढ़िवादी परंपरा के अनुसार आदिवासी संथाल समाज में मांझी हाड़ाम, परांनिक, गोड़ैत, नयकी आदि लोग प्रशासनिक न्यायिक और सामाजिक कार्यों की देखरेख करते हैं. इसमें मांझी हाड़ाम गांव का मुखिया होता है. जबकि परांनिक बाबा मांझी बाबा के सहायक होते हैं. जबकि भोगदो मांझी हाड़ाम का कानूनी सलाहकार व नायके बाबा पुजारी होते हैं जो संताल समाज के धार्मिक इकाई के हेड होते हैं. माघ पूजा का आयोजन प्रकृति कृषि और पूर्वजों को समर्पित एक मुख्य पारंपरिक उत्सव है. इसको लेकर गांव में उत्साह देखा गया. पूजा के पूर्व आदिवासी परंपरा के अनुरूप गांव में मांझी बाबा प्रेमचंद किस्कु के देखरेख में कमेटी के सभी सदस्यों का चुनाव भी किया गया. अगले वर्ष माघ पूजा के दौरान पुनः सभी के कार्यों की समीक्षा व वार्षिक लेखा जोखा प्रस्तुत की जाएगी. इसमें मुख्य रूप से मांझी बाबा प्रेम चंद किस्कु, परानिक नंदलाल हेम्ब्रम, जोगमांझी व गोड़ेत के रूप में बाबूधन सोरेन, भोगदो रामबाबू किस्कू, बाबूराम किस्कू, अर्जुन हेंब्रम, नायकी बाबा सुनील किस्कू, परमेश्वर किस्कू आदि मौजूद थे. पूजा के उपरांत सबों ने जाहेर थान में प्रसाद ग्रहण किया. हाइलार्ट्स : सगराजोर में आदिवासी समुदाय के लोगों ने रूढ़िवादी प्रथा के तहत किया माघ पूजा माघ पूजा के उपरांत वार्षिक लेखा जोखा किया प्रस्तुत समाज के लोगों ने मांझी बाबा, जोगमांझी, परानिक, गोड़ेत व भोगदो का किया चुनाव संथाल समाज में मांझी हाड़ाम, परांनिक, गोड़ैत, नयकी आदि लोग प्रशासनिक न्यायिक और सामाजिक कार्यों की देख रेख करते हैं

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