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पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव : प्रवासी कामगारों के गांव लौटने से कोलकाता में कई सेवाएं प्रभावित

Updated at : 11 Jul 2023 2:45 PM (IST)
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पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव : प्रवासी कामगारों के गांव लौटने से कोलकाता में कई सेवाएं प्रभावित

चुनाव के कारण रेस्तरां और भोजनालयों में भी सेवाएं प्रभावित हुईं. शहर में एक रेस्तरां शृंखला के मालिक शिलादित्य चौधरी ने कहा, ‘शनिवार (8 जुलाई 2023) को मतदान के दिन हमने करीब 40 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम किया. हमने उस दिन भोजन में विकल्प भी कम कर दिये थे.’

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पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के लिए प्रवासी कामगारों के अपने पैतृक गांव लौटने के कारण कोलकाता में घरेलू कामकाज से लेकर आतिथ्य व परिवहन क्षेत्रों तक की सेवाएं प्रभावित हुईं. कोलकाता के पूरी तरह से शहरी क्षेत्र होने के कारण वह राज्य का एकमात्र जिला है, जहां ग्रामीण चुनाव नहीं हुए. कई बसों तथा अन्य वाहनों को चुनाव ड्यूटी के लिए तैनात किये जाने से लोगों को यात्रा करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा.

चुनाव के कारण रेस्तरां और भोजनालयों में भी सेवाएं प्रभावित हुईं. शहर में एक रेस्तरां शृंखला के मालिक शिलादित्य चौधरी ने कहा, ‘शनिवार (8 जुलाई 2023) को मतदान के दिन हमने करीब 40 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम किया. हमने उस दिन भोजन में विकल्प भी कम कर दिये थे.’

रेस्तरां ने दो दिन सिर्फ चाय बेची

दक्षिण कोलकाता में लेक मार्केट के पास मशहूर भोजनालय ‘रादु बाबार दोकान’ चलाने वाले सत्य सुंदर दत्ता ने कहा, ‘भोजनालय में स्थिति अब भी सामान्य नहीं हुई है, क्योंकि कुछ कर्मचारी अभी तक अपने गांवों से वापस नहीं आये हैं.’ उन्होंने कहा कि हम शनिवार और रविवार को केवल चाय ही बेच रहे थे.

घरेलू सहायकों ने ली लंबी छुट्टी

घरेलू सहायकों पर निर्भर कई परिवारों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ा. घरेलू सहायक लंबे वीकेंड (सप्ताहांत) पर अपने घर चले गये और कई अब भी काम पर वापस नहीं लौटे हैं. नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास दमदम इलाके की निवासी बेबी दास ने कहा कि उनकी दिनचर्या गड़बड़ा गयी है, क्योंकि उनकी घरेलू सहायिका ने चार-पांच दिन की छुट्टी ली है.

मुश्किल में बुजुर्ग महिला

दास ने कहा, ‘मैं एक बुजुर्ग महिला हूं और मेरी घरेलू सहायिका मेरे साथ रहती है. वह सब्जियां खरीदने से लेकर कपड़े धोने और खाना पकाने तक सब कुछ करती है. मैं उसके बिना मुश्किल से गुजारा कर पा रही हूं.’

80 फीसदी बसें चुनाव ड्यूटी में

‘ज्वाइंट काउंसिल ऑफ बस सिंडिकेट’ के महासचिव तपन बनर्जी ने कहा कि राज्य भर में सिंडिकेट से संबद्ध 31,000 बसों में से करीब 80 प्रतिशत को चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है. उन्होंने कहा, ‘कोलकाता में कुछ बसें नहीं चल पायीं, क्योंकि चालक और सहायक वोट डालने के लिए पड़ोसी जिलों में अपने घर गये थे. चालकों और सहायकों के वापस आने तक शहर और राज्य भर में बसों की संख्या कम रहेगी.’

8 जुलाई को पंचायत चुनाव के लिए हुई वोटिंग

त्रिस्तरीय पंचायत प्रणाली की करीब 74,000 सीट पर आठ जुलाई को मतदान हुआ था और आज मंगलवार को मतों की गिनती जारी है. पंचायत चुनाव के लिए हुई वोटिंग के बाद मतगणना के दिन भी कई जगहों से हिंसक झड़प की खबरें हैं. कई लोग इसमें घायल भी हो गये हैं. सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों ने एक-दूसरे पर हिंसा करने का आरोप लगाया है.

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