हे! जाँबाज़ तुम्हें शत-शत नमन! शत-शत नमन!
Author : UGC Published by : Prabhat Khabar Updated At : 20 Jul 2020 1:56 PM
हे! जाँबाज़ तुम्हें शत-शत नमन! शत-शत नमन!
शत-शत नमन!
करती हूँ उन वीर बलिदानी सैनिकों को स्मरण
जिन्होंने दुश्मन को सबक सिखा ओढ़ा कफ़न।
दुनिया को अलविदा कह किया परलोक को गमन।
हे! जाँबाज़ तुम्हें शत-शत नमन! शत-शत नमन!
उन वीरों ने स्व कर्तव्य निभा दिया सर्वोच्च बलिदान।
तिरंगे में लिपटा शव जब पहुँचा उनके प्यारे सदन
परिवार जनों ने भी गौरवान्वित हो रोकी अश्रुओं की धार।
हृदय-विदारक दृश्य ने किया सबका हृदय तार-तार।
देश की रक्षा हेतु उनके ही हुए घर वीरान।
कौन गाएगा उनके परिजनों के लिए सांत्वना की तान?
कैसे होगा उनके इस ग़म का निदान?
चंद दिनों मे भूल जाएँगे सभी यह बलिदान।
इन वीरात्माओं से आज हम भी लें सबक़।
राष्ट्र-हित ही बन जाए हमारा स्वार्थ एक।
सैनिकों के परिवार का कल्याण और राष्ट्र-रक्षा ही हो उद्देश्य।
जिसकी प्राप्ति हेतु तत्पर हों न्योछावर के लिए सिर अनेक।
मातृ-भूमि के कण-कण की हिफ़ाज़त का करें प्रण।
न डरें, न झुकें चाहे लड़नी पड़े जितनी भी जंग।
मंज़िल की ओर बढ़ते रहे क़दम चाहे रास्ते हों जितने भी तंग।
आइए आपसी भेदभाव भूल बढ़ चलें एक संग।।
सीमा बेरी
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