मैं अनुभव एक खोज जगत का
Updated at : 08 Jul 2020 5:46 PM (IST)
विज्ञापन

hindi poem : मैं हूं एक खोज का माध्यम
विज्ञापन
मैं हूं एक खोज का माध्यम,
परिचायक तेरे सद्गुणों का।
मैं प्रेरक जगत् गुरु का,
सदा सर्वदा आधार रहा।
मैं कारक सब भेद बिभेद का,
मानक तेरे कर्मफलों का।
मैं अनुभव एक खोज जगत् का,
अमर अकाट विदित हूँ नभ में।
मैं चेतन तेरे विचारों से,
वाहक बना बौद्धिक समाज में।
मै वाचक प्रेरक सिद्धांत का,
संबधी तेरे मनोबल का !
मैं अनुभव ,वरदान स्वरूप ,
रक्षक बना जन मानस का।
मैं बन साधु समाज का,
बिच्छू को जीवन दान दिया।
मैं अनुभव एक खोज जगत का।
चेतन भीतर बाहर का।
मै देवत्व वरदान स्वरूप,
कल कल बहता ज्ञान की धारा।
मैं अनुभव एक खोज जगत का।
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




