ePaper

छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल का RSS पर हमला, बोले - कहां से आया उनका हिंदुत्व

Updated at : 12 Sep 2022 7:19 PM (IST)
विज्ञापन
छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल का RSS पर हमला, बोले - कहां से आया उनका हिंदुत्व

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आगे कहा कि ये आक्रामकता, हिंसा और गुंडागर्दी हमारी भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है. हमारे ऋषि-मुनियों ने यह सिद्ध करके बताया कि हमारी संस्कृति 'वसुधैव कुटुंबकम' की है.

विज्ञापन

नई दिल्ली/रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर हमला बोला है. उन्होंने हिंदूवादी संगठन पर प्रहार करते हुए कहा कि उनका (आरएसएस) हिंदुत्व कहां से आया है? वे किस संप्रदाय का पालन करते हैं? वे किस भगवान या देवी को मानते हैं? उन्होंने आगे कहा कि इन संस्थानों को पैदा हुए अभी सौ साल भी नहीं हुए हैं. 1925 में आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) आए. उन्होंने कहा कि क्या इसके पहले भारत में हिंदू नहीं थे?

हिंसा भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आगे कहा कि ये आक्रामकता, हिंसा और गुंडागर्दी हमारी भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है. हमारे ऋषि-मुनियों ने यह सिद्ध करके बताया कि हमारी संस्कृति ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की है. यानी पूरी वसुंधरा ही हमारा परिवार है. ये वो लोग हैं, जो बताने वाले कि तू-तू है, मैं-मैं हूं. ये वो लोग हैं, जो मानवों से घृणा करते हैं. ये लोग मनुष्यों को पशु-पक्षि से भी नीचे का दर्जा देने वाले लोग हैं. ये वो लोग हैं, जिन्होंने गांधी जी की हत्या की.


सौ साल पहले क्या भारत में हिंदू नहीं थे?

उन्होंने आगे कहा कि सौ साल पहले इनका जनम नहीं हुआ. विश्व हिंदू परिषद के जनम हुए कितना दिन हुआ. उन्होंने कहा कि आरएसएस 1925, विश्व हिंदू परिषद 1925… सौ साल. उसके पहले भी हिंदू थे? हिंदू एक ऐसा मैकेनिज्म हैं, जिसमें सबको पचा लेने की क्षमता है. इसलिए हजारों साल बाद भी हमारे देश का अस्तित्व है, सभ्यता का अस्तित्व है और संस्कृति का अस्तित्व है. बहुत सारी संस्कृति इसमें मिला है.

Also Read: Bharat Jodo Yatra: राहुल गांधी के ‘टी-शर्ट’ विवाद पर छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल का बीजेपी पर पलटवार
दो दिन में 71 आदिवासियों की मौत का आंकड़ा कहां से आया

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यहां लंबी दरार पड़ गई है. आरएसएस से बिना पूछे यहां सारी नियुक्तियां हो गई. इसीलिए उन्हें(जेपी नड्डा) को यहां तलब किया गया था, जिसके कारण नड्डा जी का संतुलन बिगड़ गया था. इसीलिए उन्होंने कहा कि 2 दिन में 71 आदिवासियों की मौत हो गई. ये कहां से आंकड़ा आ गया.

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Tags

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola