CG Election: मुख्यमंत्री की कुरसी जाने के बाद लगातार घटती गई डॉ रमन सिंह की आय, जानें क्या है कमाई का जरिया

निर्वाचन आयोग के समक्ष दाखिल अपने नामांकन पत्र में डॉ रमन सिंह ने जो शपथ पत्र दाखिल किया है, उसमें कहा है कि पेशे से वह समाजसेवी और कृषक हैं. उनकी पत्नी भी समाजसेविका हैं. वह भी कृषक हैं. छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम वेतन एवं भत्तों के अलावा कृषि, किराया, ब्याज से कमाई करते हैं.
छत्तीसगढ़ के 15 साल तक मुख्यमंत्री रहे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता डॉ रमन सिंह की कमाई में लगातार गिरावट आ रही है. वर्ष 2017-18 में जो उनकी कमाई थी, वर्ष 2021-22 में वह उससे काफी कम रह गई. जी हां. वर्ष 2017-18 में डॉ रमन सिंह की कुल कमाई 14,67,020 (14 लाख 67 हजार 20 रुपए) थी, जो वर्ष 2021-22 में घटकर 9,40,729 (नौ लाख 40 हजार 729 रुपए) रह गई है. वहीं, उनकी पत्नी की कमाई वर्ष 2021-22 को छोड़कर हर साल बढ़ी. वहीं, हिंदू अविभक्त कुटुंब की कमाई में वर्ष 2019-20 से लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. डॉ रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 के लिए आज राजनांदगांव विधानसभा सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. इसमें उन्होंने निर्वाचन आयोग को जो शपथ पत्र सौंपा है, उसमें अनुलग्नक (क) में पिछले पांच वित्तीय वर्ष का विवरण भी सौंपा है. इसमें उन्होंने बताया है कि किस साल उनकी कुल कर योग्य आय यानी टैक्सबल इनकम कितनी रही. उनकी कुल आय 34,59,126 रुपए से घटकर 23,01,822 रुपए और फिर बढ़कर 29,56,049 रुपए हो गई.
इस तरह घटती गई डॉ रमन सिंह की टैक्सबल इनकम
वर्ष 2017-18 में उनकी कुल टैक्सबल इनकम 14,67,020 रुपए थी, जो वर्ष वर्ष 2018-19 में घटकर 13,08,220 रुपए, वर्ष 2019-20 में 7,77,440 रुपए और वर्ष 2020-21 में 5,87,763 रुपए रह गई. हालांकि, वर्ष 2021-22 में उनकी कमाई अचानक बढ़कर 9,40,729 रुपए हो गई.
छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम को टैक्स में मिली इतनी छूट
डॉ रमन सिंह ने बताया कि इन वर्षों में (2017-18 से 2021-22 तक) उन्हें आयकर पर क्रमश: 3,69,339 रुपए, 6,58,037 रुपए, 5,20,527 रुपए, 5,78,059 रुपए और 6,83,320 रुपए की छूट मिली. सरकारी निर्वाचन एवं दैनिक भत्ता जिस पर टैक्स नहीं लगता है, वैसी आय की बात करें, तो डॉ रमन को वर्ष 2017-18 में 12,10,000 रुपए, 2018-19 में 9,74,193 रुपए, वर्ष 2019-20 में 9,95,000 रुपए, वर्ष 2020-21 में 10,86,000 रुपए और वर्ष 2021-22 में 12,82,000 रुपए की कमाई हुई.
34.51 लाख से घटकर 29.01 लाख रह गई रमन की कमाई
इस तरह वर्ष 2017-18 में छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम ने कुल 34,51,126 रुपए कमाए. वर्ष 2018-19 में 32,70,950 रुपए, वर्ष 2019-20 में 23,42,967 रुपए, वर्ष 2020-21 में 23,01,822 रुपए और वर्ष 2021-22 में 29,56,041 रुपए की कमाई की. बता दें कि डॉ रमन सिंह राजनांदगांव विधानसभा सीट से चुनाव लड़ते रहे हैं. एक बार फिर बीजेपी ने उन्हें इसी विधानसभा सीट से टिकट दिया है. उन्होंने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है. राजनांदगांव में पहले चरण में सात नवंबर 2023 को वोटिंग होगी. इस दिन छत्तीसगढ़ की 20 विधानसभा सीटों पर मतदान है.
कृषि, किराया और ब्याज से करते हैं कमाई
निर्वाचन आयोग के समक्ष दाखिल अपने नामांकन पत्र में डॉ रमन सिंह ने जो शपथ पत्र दाखिल किया है, उसमें कहा है कि पेशे से वह समाजसेवी और कृषक हैं. उनकी पत्नी भी समाजसेविका हैं. वह भी कृषक हैं. छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम वेतन एवं भत्तों के अलावा कृषि, किराया, ब्याज से कमाई करते हैं. उनकी पत्नी की कमाई का जरिया भी कृषि और ब्याज है. बता दें कि डॉ रमन सिंह ने निर्वाचन आयोग को शपथ पत्र देकर यह भी बताया है कि उनके पास 7.07 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति है. एक पिस्टल, सोने-चांदी और उनकी पत्नी के पास लाखों के हीरे भी हैं.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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