'कैपिटल हिल के उपद्रवियों को कर दूंगा माफ', राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार विवेक रामास्वामी ने जानें क्या कहा

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 07 Sep 2023 9:57 AM

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विवेक रामास्वामी की लोकप्रियता में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है. यही वजह है कि रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के लिए डोनाल्ड ट्रंप के बाद सबसे ज्यादा 15 फीसदी समर्थन विवेक रामास्वामी को मिला है. कैपिटल हिल के उपद्रवियों को लेकर जानें उन्होंने क्या कहा

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अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार विवेक रामास्वामी की चर्चा इन दिनों काफी हो रही है. उनकी लोकप्रियता भी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. अब रामास्वामी ने कहा है कि यदि वह 2024 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में जीत दर्ज करते हैं तो वह 6 जनवरी 2021 को कैपिटल हिल में हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के आरोपियों को माफ करने का काम करेंगे. आपको बता दें कि उन्होंने इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी माफ करने की बात कही थी. यही नहीं उन्होंने कहा था कि ट्रंप के खिलाफ चल रहे मुकदमे राजनीति से प्रेरित हैं.

विवेक रामास्वामी ने अमेरिका की न्याय व्यवस्था पर तीखा हमला किया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका में अब दो स्तरीय न्याय व्यवस्था हो गयी है. इनमें एंतिफा और बीएलएम के दंगाई खुले आम घूम रहे हैं, वहीं छह जनवरी को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों को बिना जमानत जेल में डालने का काम किया गया. बाइडन सरकार के ‘अन्याय विभाग’ ने 1000 से अधिक शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है, जो हमारी न्याय व्यवस्था के आधारभूत सिद्धांतों पर काले धब्बे के समान है.

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आगे रामास्वामी ने कहा कि ‘इस देश को एकजुट करने के लिए बतौर राष्ट्रपति मैं उन सभी अमेरिकी नागरिकों को माफ करने का काम करूंगा, जिन्हें राजनीतिक संघवाद की वजह से निशाना बनाया गया. यही नहीं इन्हें प्रक्रिया के खिलाफ जाकर प्रताड़ित किया गया. इनमें 6 जनवरी 2021 के सभी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी शामिल हैं. इन लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करने की भी अनुमति नहीं दी गई.

जानें आखिर क्या है 6 जनवरी 2021 का विवाद

यहां चर्चा कर दें कि अमेरिकी संसद और उसके आसपास के इलाके को कैपिटल हिल के नाम से जाना जाता है. अमेरिका में 2020 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन नेता डोनाल्ड ट्रंप को डेमोक्रेट नेता जो बाइडन के हाथों करारी हार मिली. ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव नतीजों में धांधली का आरोप लगाते हुए अपने समर्थकों से एकजुट होने की अपील की जिसके बाद छह जनवरी 2021 को करीब दो हजार लोग कैपिटल हिल इलाके में जमा हुए. आरोप है कि ट्रंप के उकसावे वाले बयान के बाद भीड़ ने कैपिटल हिल पर हमला किया जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई. इस दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दी और अमेरिकी संसद में घुस गए. जिस वक्त यह घटना हुई, उस वक्त कई बड़े नेता और अधिकारी कैपिटल हिल में मौजूद थे. हालांकि सुरक्षाकर्मी हरकत में आये और प्रदर्शनकारियों को कैपिटल हिल से बाहर निकाल दिया.

ट्रंप को भी माफ करने की बात कह चुके हैं विवेक रामास्वामी

यदि आपको याद हो तो विवेक रामास्वामी इससे पहले अपने एक बयान में डोनाल्ड ट्रंप को भी माफ करने की बात कह चुके हैं. रामास्वामी ने कहा था कि यदि डोनाल्ड ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी की ओर से उम्मीदवार बनते हैं तो मैं डोनाल्ड ट्रंप को वोट देने का काम करूंगा, लेकिन यदि मैं राष्ट्रपति बनता हूं तो मैं देश को एकजुट रखने के लिए ट्रंप को माफ कर दूंगा.

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विवेक रामास्वामी की लोकप्रियता में इजाफा

विवेक रामास्वामी की बात करें तो उनकी लोकप्रियता में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है. यही वजह है कि रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के लिए डोनाल्ड ट्रंप के बाद सबसे ज्यादा 15 फीसदी समर्थन विवेक रामास्वामी को मिला है. अब देखने वाली बात होगी कि आगे क्या होता है.

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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