Bangladesh Hindu: बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के साथ हिंसा, प्रदर्शन के दौरान सेना के जवानों से झड़प
Published by : Pritish Sahay Updated At : 14 Aug 2024 11:04 AM
Bangladesh Hindu: बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हिंसा के खिलाफ हिंदू समुदाय के लोगों ने राजधानी ढाका के जमुना स्टेट गेस्ट हाउस के बाहर मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान उनकी सेना के जवानों के साथ झड़प भी हुई.
Bangladesh Hindu: बांग्लादेश में तख्तापलट और नई अंतरिम सरकार के गठन के बाद भी हिंसा का दौर नहीं थम रहा है. हिंसा का सबसे ज्यादा शिकार वहां के अल्पसंख्यक हिंदू हो रहे हैं. ताजा मामला ढाका का है, जहां अपने ऊपर हो रही हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हिंदू समुदाय के लोगों के साथ सेना के जवानों की झड़प हुई है. बता दें, आरक्षण के खिलाफ बांग्लादेश में प्रदर्शन के दौरान लोगों ने वहां रहे रहे अल्पसंख्यक हिंदुओं को भी निशाना बनाना शुरु कर दिया था. मंदिरों में तोड़फोड़ और हिंदुओं के साथ हिंसा हो रही थी.
अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के सदस्यों ने किया प्रदर्शन
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के लोगों पर हो रही हिंसा के खिलाफ हिंदुओं ने राजधानी ढाका के जमुना स्टेट गेस्ट हाउस के बाहर मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान हिंदू समुदाय के लोगों ने अपने हाथों में पोस्टर लिए हुए थे, जिनमें उनके परिवार के उन सदस्यों के पोस्टर लगे थे जो देश में हिंसा की घटनाओं के दौरान लापता हो गए थे.
मोहम्मद यूनुस ने परेशान हिंदू समुदाय के सदस्यों से की बात
इधर, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने हिंदू समुदाय के सदस्यों से मंगलवार को बात की. यूनुस ने प्रसिद्ध ढाकेश्वरी मंदिर में हिंदुओं से मुलाकात की और उनकी सरकार की भूमिका के बारे में कोई धारणा बनाने से पहले धैर्य रखने का आग्रह किया. उन्होंने मुलाकात के दौरान कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के अधिकार सुनिश्चित किए जाने चाहिए. उन्होंने देश की दुर्दशा के लिए संस्थागत पतन को जिम्मेदार ठहराया. यह बैठक पांच अगस्त को प्रधानमंत्री शेख हसीना के पद से हटने के बाद कई दिनों तक चली हिंसा में अल्पसंख्यक हिंदू लोगों पर हमले, उनकी संपत्तियों की तोड़फोड़ तथा कई हिंदू मंदिरों को नष्ट किए जाने के बाद हुई.
अधिकार सबके लिए समान- यूनुस
डेली स्टार अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक मोहम्मद युनूस ने कहा कि अधिकार सबके लिए समान हैं. हम सब एक ही व्यक्ति हैं और हमारे पास एक ही अधिकार है. हमारे बीच कोई भेदभाव न करें. कृपया हमारी सहायता करें. धैर्य रखें और बाद में आकलन करें कि हम क्या कर पाए और क्या नहीं. अगर हम असफल होते हैं, तो हमारी आलोचना करें. अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के हजारों सदस्यों ने शुक्रवार और शनिवार को बांग्लादेश की राजधानी ढाका और उत्तर-पूर्वी बंदरगाह शहर चटगांव में बड़े पैमाने पर विरोध रैलियां निकालीं और देश भर में हुई बर्बरता के बीच सुरक्षा की मांग की.
हिंदू समुदाय के मंदिरों और उनके घरों पर हुए थे हमले
बता दें, बांग्लादेश में हिंसा के दौरान हिंदू समुदाय के मंदिरों और उनके घरों पर उपद्रवियों ने हमले किये गये थे. इसके खिलाफ हिंदुओं ने मंगलवार को प्रदर्शन किया. उनकी मांग थी कि अल्पसंख्यकों पर अत्याचार करने वालों के खिलाफ मुकदमों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए विशेष न्यायाधिकरणों की स्थापना हो, अल्पसंख्यकों के लिए 10 फीसदी संसदीय सीटों का आवंटन हो, अल्पसंख्यक संरक्षण कानून लागू किया जाए. अपनी मांग को लेकर हिंदू प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को ढाका के शाहबाग में तीन घंटे से अधिक समय तक ट्रैफिक जाम कर दिया था. भाषा इनपुट के साथ
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