ePaper

अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा ने COVID-19 टीके की जानकारी चुराने का लगाया आरोप, रुस ने दी सफाई

Updated at : 19 Jul 2020 4:18 PM (IST)
विज्ञापन
अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा ने COVID-19 टीके की जानकारी चुराने का लगाया आरोप, रुस ने दी सफाई

US UK and Canada , stealing information , COVID-19 vaccine , Russia clarifies : रूस की खुफिया एजेंसियों द्वारा कोरोना वायरस के टीके से संबंधित जानकारी चुराने के आरोपों का ब्रिटेन में रूस के राजदूत ने खंडन किया है. आंद्रेई केलिन ने बीबीसी को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा द्वारा लगाए जा रहे आरोप निरर्थक हैं. उन्होंने कहा, मैं इस कहानी में विश्वास नहीं करता, यह निरर्थक है

विज्ञापन

लंदन : रूस की खुफिया एजेंसियों द्वारा कोरोना वायरस के टीके से संबंधित जानकारी चुराने के आरोपों का ब्रिटेन में रूस के राजदूत ने खंडन किया है. आंद्रेई केलिन ने बीबीसी को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा द्वारा लगाए जा रहे आरोप निरर्थक हैं. उन्होंने कहा, मैं इस कहानी में विश्वास नहीं करता, यह निरर्थक है.

उन्होंने कहा, मुझे उन (हैकरों) के बारे में ब्रिटिश मीडिया से पता चला. इस दुनिया में किसी भी प्रकार के कंप्यूटर हैकर को किसी देश से संबद्ध बता देना असंभव है.

गौरतलब है कि ब्रिटेन, अमेरिका और कनाडा ने आरोप लगाया है कि रूस कोविड-19 का टीका विकसित करने में जुटे अनुसंधानकर्ताओं से इस बारे में सूचना चोरी करने का प्रयास कर रहा है. तीन देशों ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि हैकिंग करने वाला समूह ‘एपीटी29’ कोरोना वायरस के टीके को विकसित करने में जुटे अकादमिक और चिकित्सा अनुसंधान संस्थानों में हैकिंग (डिजिटल सेंधमारी) कर रहा है.

साथ ही कहा कि कोजी बियर नाम से भी पहचाने जाने वाला यह समूह रूस की खुफिया सेवा का हिस्सा है. खुफिया अधिकारी लगातार हो रही इस सेंधमारी को बौद्धिक संपदा की चोरी के तौर पर देख रहे हैं. वे इसे टीके के अनुसंधान में केवल रुकावट नहीं मानते हैं.

Also Read: COVID-19 Pandemic : कोरोना वैक्सीन पर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से मिल रही है अच्छी खबर

ब्रिटेन के राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा केंद्र ने इस बाबत घोषणा की, जिसने अमेरिका और कनाडा के विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया था. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका कि क्या कोई सूचना वाकई में चोरी की गई लेकिन राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा केंद्र ने कहा कि माना जाता है कि किसी की व्यक्तिगत गोपनीय सूचना के साथ समझौता नहीं किया गया.

वाशिंगटन ने कोजी बीयर हैकिंग समूह के बारे में पहचान की थी कि यह कथित तौर पर रूसी सरकार से संबंधित दो हैंकिंग समूह में से एक है. इसने डेमोक्रटिक नैशनल कमेटी के कम्प्यूटर नेटवर्क में सेंधमारी की थी और 2016 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले ईमेल चोरी किए थे.

Posted By – Arbind Kumar Mishra

विज्ञापन
Agency

लेखक के बारे में

By Agency

Agency is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola