अब जर्मनी से चिढ़े ट्रंप, कहा- फ्रेडरिक मर्ज ईरान युद्ध को छोड़ अपने 'टूटे' देश पर दें ध्यान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फोटो- पीटीआई
Trump On Germany: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जर्मनी पर भड़क गए हैं. उन्होंने चांसलर फ्रेडरिक मर्ज को नसीहत देते हुए कहा कि वो ईरान युद्ध के बारे में सोचना छोड़े दें, और अपने देश की चिंता करें.
Trump On Germany: ईरान के खिलाफ जंग में किसी नाटो सदस्य देश का साथ नहीं मिलने से ट्रंप नाटो देशों से पहले ही नाराज हैं. ऐसे में जर्मनी के चांसलर की नसीहत पर उनका पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया. अमेरिकी राष्ट्रपति ने गुरुवार को जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज को जमकर खरी खोटी सुनाई. ट्रंप ने मर्ज को सलाह दी कि वह पहले अपने ‘टूटे हुए देश’ पर ध्यान दें और ईरान युद्ध के बारे में सोचने में अपना समय बर्बाद न करें.
ट्रंप ने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि फ्रेडरिक मर्ज को रूस-यूक्रेन को युद्ध समाप्त कराने और अपने टूटे हुए देश को ठीक करने (खास तौर पर आव्रजन और ऊर्जा के मामले) पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए. ईरान युद्ध के बारे में सोचने में कम समय खर्च करना चाहिए.

जर्मनी में अपने सैनिक घटाने पर विचार कर रहा अमेरिका
इससे पहले बुधवार (29 अप्रैल) को ट्रंप ने धमकी दी थी कि अमेरिका जर्मनी में अपनी सैनिकों की संख्या में कटौती करने पर विचार कर रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि जर्मनी में सैनिकों की संख्या घटाने पर अमेरिका जल्द फैसला लेगा. जर्मनी उत्तर एटलांटिक संधि संगठन (नाटो) का एक प्रमुख सहयोगी और यूरोपीय संघ (ईयू) की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जहां अमेरिका के कई अहम सैन्य प्रतिष्ठान हैं.
मर्ज की टिप्पणी से भड़के ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप की यह धमकी जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की इस टिप्पणी के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका के कूटनीतिक प्रयास बेहद सुस्त रहे हैं. साथ ही, वाशिंगटन को तेहरान से अपमान का सामना करना पड़ रहा है.
पहले भी ट्रंप कर चुके हैं सैनिकों की संख्या घटाने पर बात
डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति पद संभालने के बाद से ही जर्मनी में सैनिकों की संख्या घटाना चाहते थे. वो कई बार इसके संकेत में दे चुके हैं. उन्होंने कई मौकों पर कहा है कि भविष्य में यूरोप को अपनी और यूक्रेन की सुरक्षा का ध्यान खुद रखना पड़ सकता है. हाल में ट्रंप ने ईरान युद्ध में अमेरिका की मदद करने से इनकार करने के लिए यूरोपीय देशों और नाटो की लगातार आलोचना की है.
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By Pritish Sahay
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