ट्रंप की ईरान को चेतावनी: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नहीं लगेगा कोई टैक्स, US ने बताया इंटरनेशनल वाटरवे

Updated at : 11 Apr 2026 9:45 AM (IST)
विज्ञापन
Trump iran Strait Of Hormuz tax warning

तस्वीर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. सोर्स-एक्स/ @WhiteHouse

Strait Of Hormuz: ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है. राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय पानी में ईरान की टैक्स वसूली बर्दाश्त नहीं होगी. ट्रंप के अनुसार ईरानी सेना कमजोर हो चुकी है और अब बातचीत का रास्ता ही एकमात्र विकल्प है.

विज्ञापन

Strait Of Hormuz: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से गुजरने वाले जहाजों पर ईरान को किसी भी तरह का टैक्स या टोल वसूलने नहीं दिया जाएगा. जॉइंट बेस एंड्रयूज पर मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि यह एक इंटरनेशनल वाटरवे है और यहां किसी भी देश की मनमानी नहीं चलेगी. ट्रंप ने यह बयान ईरान के उस प्रस्ताव के बाद दिया है, जिसमें जहाजों से उनकी करेंसी ‘रियाल’ में फीस लेने की बात कही गई थी.

ट्रंप का कड़ा रुख: ईरान के पास कोई कार्ड नहीं बचा

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट लिखकर ईरान की आलोचना की. उन्होंने कहा कि ईरान के पास दुनिया को डराने के लिए केवल इंटरनेशनल वाटरवे का रास्ता बचा है, लेकिन अमेरिका इसे सफल नहीं होने देगा. ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान केवल बातचीत की वजह से बचा हुआ है. उन्होंने ईरान की सैन्य ताकत पर तंज कसते हुए कहा कि वे लड़ने से बेहतर ‘पब्लिक रिलेशंस’ और मीडिया को हैंडल करना जानते हैं.

ईरान का प्रस्ताव: रियाल में मांग रहे थे फीस

ईरान की संसद के नेशनल सिक्योरिटी कमीशन के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने एक प्रस्ताव दिया था. इसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को ईरान की नेशनल करेंसी ‘रियाल’ में ट्रांजिट फीस देनी होगी. मुंबई में ईरान के महावाणिज्य दूतावास (Consulate General of Iran) ने ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि इसके लिए ईरान जरूरत पड़ने पर ओमान के साथ समझौता भी कर सकता है. हालांकि, ईरान ने इसे अपनी सुरक्षा योजना का एक छोटा हिस्सा बताया है.

बिना डील के भी खुलेगा रास्ता: ट्रंप

ट्रंप ने कहा कि मध्य पूर्व (वेस्ट एशिया) में जारी तनाव को खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम (सीजफायर) पर सहमति बनी है. उन्होंने दावा किया कि ईरान सैन्य रूप से हार चुका है और उनकी नौसेना, वायु सेना और लीडरशिप को भारी नुकसान पहुंचा है. ट्रंप ने स्पष्ट किया कि चाहे कोई डील हो या न हो, अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता खोलकर ही रहेगा.

ये भी पढ़ें: ईरानी स्पीकर गालीबाफ बोले- नेक नीयती तो है, पर अमेरिका पर भरोसा नहीं; फ्लाइट में लाए पीड़ितों की तस्वीरें

पाकिस्तान में होगी बड़ी मीटिंग

शनिवार (11 अप्रैल) को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जारेड कुशनर पाकिस्तान में ईरान के साथ अहम मीटिंग करेंगे. ट्रंप ने इस टीम पर भरोसा जताते हुए कहा कि यह प्रक्रिया काफी तेजी से आगे बढ़ेगी. अगर बातचीत से रास्ता नहीं निकला, तो अमेरिका दूसरे तरीकों से इसे सुलझा लेगा. होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के तेल व्यापार के लिए सबसे जरूरी रास्ता है, इसलिए इस पर होने वाले किसी भी बदलाव का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है.

ये भी पढ़ें: ईरान को ट्रंप की दो टूक: बिना समझौते के भी खुलेगा ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’, वार्ता के लिए पाकिस्तान पहुंचे जेडी वेंस

विज्ञापन
Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola