Queen Elizabeth Funeral: महारानी को आखिरी विदाई! ताबूत वाले वाहन ने विंडसर कैसल के लिये आरंभ की यात्रा

Queen Elizabeth Funeral: बकिंघम पैलेस के दर्जनों कर्मचारी महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को अंतिम विदाई देने के लिए महल के प्रांगण में कतारबद्ध खड़े नजर आये और जुलूस के गुजरने के दौरान कई कर्मचारियों ने महारानी को सम्मान प्रदर्शित करने के लिए झुककर श्रद्धांजलि अर्पित की.
Queen Elizabeth Funeral: महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के ताबूत वाले वाहन ने लंदन के वेलिंगटन आर्च से विंडसर कैसल के लिये अपनी यात्रा आरंभ की. महारानी के ताबूत को अंतिम संस्कार के लिए जुलूस की शक्ल में धीरे-धीरे विंडसर कैसल की ओर ले जाया जा रहा है. रॉयल नेवी के 142 नौसैनिकों द्वारा महारानी के ताबूत को वेस्टमिंस्टर एबे से करीब डेढ़ किलोमीटर का सफर तय करके बकिंघम पैलेस के निकट वेलिंगटन आर्च लाया गया था. महारानी के सम्मान में रास्ते में तोपों की सलामी का सिलसिला भी जारी रहा.
बकिंघम पैलेस के दर्जनों कर्मचारी महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को अंतिम विदाई देने के लिए महल के प्रांगण में कतारबद्ध खड़े नजर आये और जुलूस के गुजरने के दौरान कई कर्मचारियों ने महारानी को सम्मान प्रदर्शित करने के लिए झुककर श्रद्धांजलि अर्पित की. महारानी के ताबूत को कार के जरिये करीब 32 किलोमीटर का सफर तय करके विंडसर कैसल ले जाया जा रहा है, जहां उन्हें पति प्रिंस फिलिप के बराबर में दफनाया जाएगा. महारानी के ताबूत की अंतिम यात्रा के दौरान रास्ते में हजारों लोगों की भीड़ उन्हें आखिरी विदाई देने उमड़ पड़ी है.
सोमवार को लंदन के वेस्टमिंस्टर एबे में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन समेत दुनियाभर के करीब 500 नेता एवं शाही परिवार के लोग पहुंचे हैं. सत्तर साल तक राजगद्दी पर आसीन रहीं महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का आठ सितंबर को बाल्मोरल कैसल स्थित उनके आवास में निधन हो गया था. वह 96 वर्ष की थीं.
चीन ने ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन संबंधी शोक पुस्तिका में हस्ताक्षर करने के लिए ताइवान के एक प्रतिनिधि को ब्रिटिश सरकार की अनुमति को सोमवार को अपमानजनक करार दिया. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने यहां एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि मैं इस बात पर जोर देती हूं कि डीपीपी (ताइवान की सत्ताधारी डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी) के अधिकारी इस मौके का इस्तेमाल राजनीतिक हेरफेर करने के लिए करेंगे. उनसे ताइवानी प्रतिनिधि केली वू-चियाओ हसीहो को ब्रिटिश सरकार द्वारा शोक पुस्तिका में हस्ताक्षर करने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किए जाने के बारे में पूछा गया था. माओ ने कहा कि यह अपमानजनक है. इससे यह तथ्य नहीं बदल जाता है कि ताइवान चीन का हिस्सा है. ताइवान के अधिकारियों की राजनीतिक योजना विफल होकर रहेगी.
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लेखक के बारे में
By Samir Kumar
More than 15 years of professional experience in the field of media industry after M.A. in Journalism From MCRPV Noida in 2005
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