ट्रंप की पीस काउंसिल में शामिल हो सकते हैं पुतिन, अमेरिका में फ्रीज अपनी ही रूसी संपत्ति से देगा 1 अरब डॉलर

Author Govind jee
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ट्रंप के ‘पीस बोर्ड’ में शामिल हो सकते हैं पुतिन.

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रूस ने ट्रंप की ‘पीस काउंसिल’ पहल के बारे में एक अहम संकेत दिया है. राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिका में फ्रीज की गई रूसी संपत्ति में से 1 अरब डॉलर जारी करने की पेशकश की है. यह प्रस्ताव गाजा को फिर से बनाना और इंटरनेशनल पीस प्रयासों से जुड़ा है.

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से मिले ‘पीस काउंसिल’ में शामिल होने के प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. आरटी की रिपोर्ट के मुताबिक, पुतिन ने कहा है कि रूस इस काउंसिल को 1 अरब डॉलर देने के लिए तैयार है. खास बात यह है कि यह पैसा अमेरिका में जमी (फ्रोजन) रूसी संपत्तियों से लिया जा सकता है.

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पैसा देने को अभी तैयार: पुतिन

आरटी के अनुसार, पुतिन ने बुधवार को रूसी सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि रूस अभी, इसी समय 1 अरब डॉलर देने को तैयार है, भले ही यह तय न हुआ हो कि वह पीस काउंसिल में शामिल होगा या नहीं. उन्होंने कहा कि यह रकम अमेरिका में पिछली सरकार के दौरान फ्रीज की गई रूसी संपत्तियों से ली जा सकती है.

पुतिन ने कहा कि रूस के फिलिस्तीन के लोगों के साथ खास रिश्ते रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि मॉस्को हमेशा इंटरनेशनल स्टेबिलिटी बढ़ाने की कोशिशों का समर्थन करता आया है और आगे भी करता रहेगा.

गाजा पर फोकस है पीस काउंसिल

आरटी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रस्तावित पीस काउंसिल का फोकस मिडिल ईस्ट में शांति पर है. खास तौर पर गाजा को फिर से बनाना और फिलिस्तीनी लोगों के लिए मानवीय मदद इसके मुख्य एजेंडे में शामिल हैं.

फैसला लेने से पहले सहयोगियों से बात करेगा रूस

पुतिन ने ट्रंप को निमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया, लेकिन यह भी साफ किया कि रूस को इस प्रस्ताव को अच्छे से समझने और अपने रणनीतिक साझेदार देशों से बातचीत करने के लिए समय चाहिए. आरटी के अनुसार, रूस जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहता.

ट्रंप ने खुद पुष्टि की थी न्योते की बात

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (स्थानीय समय) को खुद पुष्टि की थी कि उन्होंने व्लादिमीर पुतिन को गाजा बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का न्योता दिया है.

ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि पुतिन उन कई वर्ल्ड लीडर्स में शामिल हैं, जिन्हें इस पहल का हिस्सा बनने के लिए  इनवाइटकिया गया है.

20-पॉइंट पीस प्लान का हिस्सा है यह बोर्ड

गाजा बोर्ड ऑफ पीस को मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए बनाए गए 20-पॉइंट पीस प्लान के दूसरे चरण का हिस्सा बताया गया है. इसका मकसद युद्ध के बाद गाजा में स्थिरता लाना और पुनर्निर्माण की निगरानी करना है.

यह पहल सिर्फ गाजा तक सीमित नहीं दिखती. ट्रंप ने इसे एक बड़े इंटरनेशनल स्टेज के रूप में पेश किया है, जिसमें करीब 60 देशों के नेताओं को शामिल होने का इनविटेशन दिया गया है. इसका उद्देश्य दुनिया भर में संघर्ष के बाद स्थिरता और फिर से बनाने की प्रक्रिया को मजबूत करना है.

बोर्ड में कौन-कौन से काम होंगे

व्हाइट हाउस के बयान के अनुसार, इस बोर्ड के एग्जीक्यूटिव मेंबर गाजा की मजबूती से जुड़े अहम क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभालेंगे. इनमें प्रशासनिक ढांचा (एडमिनिस्ट्रेटिव स्ट्रक्चर) मजबूत करना, क्षेत्रीय संबंध सुधारना, फिर से बनाना, इन्वेस्टमेंट लाना, बड़े स्तर पर फंड जुटाना और पूंजी प्रबंधन (कैपिटल मैनेजमेंट) शामिल है.

व्हाइट हाउस के अनुसार, जो देश 1 बिलियन डॉलर देने का वादा करेंगे, उन्हें बोर्ड में स्थायी सीट मिलेगी. जो देश यह पैसा नहीं देंगे, वे भी बोर्ड का हिस्सा बन सकते हैं, लेकिन सिर्फ तीन साल के लिए.

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