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पुतिन के सख्त तेवर देख पीछे हटे येवगेनी, फील्ड कैंप की ओर लोट रही वैगनर आर्मी, रूस में तख्तापलट का खतरा टला

Updated at : 25 Jun 2023 8:10 AM (IST)
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पुतिन के सख्त तेवर देख पीछे हटे येवगेनी, फील्ड कैंप की ओर लोट रही वैगनर आर्मी, रूस में तख्तापलट का खतरा टला

रूस पर मंडरा रहा गृह युद्ध का खतरा फिलहाल टल गया है. येवगेनी प्रमुख अपनी प्राइवेट आर्मी के साथ वापस यूक्रेन स्थित बेस कैंप लौट रहे हैं. प्रिगोझिन एक प्रस्तावित समझौते के तहत अपने सैनिकों की वापसी पर सहमत हुए हैं. उन्होंने कहा कि समझौते में वैग्नर सैनिकों के लिए सुरक्षा गारंटी भी शामिल है.

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सख्ती के बाद बगावत पर उतरी वैगनर आर्मी बैकफुट पर आ गई है. वैगनर आर्मी चीफ येवगेनी प्रिगोझिन ने अपने लड़ाकों को मॉस्को से हटने और वापस यूक्रेन स्थित बैस कैंप में लौटने का आदेश दे दिया है. बता दें, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सत्ता में आने के दो दशकों से अधिक समय के नेतृत्व के दौरान यह बगावत रूस के लिए सबसे महत्वपूर्ण चुनौती बन सकता था. लेकिन किसी बड़ी हिंसा से पहले ही पुतिन की सख्ती के आगे झुकते हुए वैगनर आर्मी वापस लौट गई. हालांकि वैगनर लड़ाकों से निपटने के लिए रूस ने अपने दक्षिणी किनारे पर बख्तरबंद वाहनों और सैनिकों के साथ चौकियां स्थापित कर ली थी.

प्राइवेट आर्मी प्रमुख प्रीगोझिन ने कही ये बात
वहीं पूरे मामले में प्रीगोझिन ने कहा कि जब उनके लोग मॉस्को से सिर्फ 200 किलोमीटर (120 मील) दूर थे, तो उन्होंने उन्हें वापस भेजने का फैसला किया, ताकि रूसी लोगों का खून न बहे.उन्होंने यह नहीं बताया कि मॉस्को ने रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगू को हटाने की उनकी मांग पर प्रतिक्रिया दी है या नहीं. क्रेमलिन की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई है.यह घोषणा बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको के कार्यालय के एक बयान के बाद हुई जिसमें कहा गया कि उन्होंने पुतिन के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करने के बाद प्रिगोझिन के साथ एक समझौते पर बातचीत की.

विद्रोह की पुतिन ने की निंदा

लुकाशेंको के कार्यालय ने कहा कि प्रिगोझिन एक प्रस्तावित समझौते के तहत अपने सैनिकों की वापसी पर सहमत हुए. उन्होंने कहा कि समझौते में वैग्नर सैनिकों के लिए सुरक्षा गारंटी भी शामिल है.मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर ने एक जुलाई तक शैक्षणिक संस्थानों और खुले क्षेत्र में होने वाले सामूहिक कार्यक्रमों को निलंबित रखने की घोषणा की थी. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इससे पहले निजी सेना वैग्नर ग्रुप के सशस्त्र विद्रोह की घोषणा को विश्वासघात और रूस की पीठ में छुरा घोंपने वाला कदम करार दिया था. पुतिन ने कहा कि बगावत की साजिश रचने वालों को कठोर सजा दी जाएगी. वहीं, प्रीगोझिन के लड़ाके यूक्रेन की सीमा पार कर रूस के दक्षिण में महत्वपूर्ण शहर में दाखिल हुए और वे मॉस्को की तरफ बढ़ने लगे.

रूस में नजर आये टैंक और बख्तरबंद वाहन
प्रीगोझिन की सेना के राजधानी की ओर बढ़ने के बीच मॉस्को के कई हिस्सों में सैन्य ट्रक और बख्तरबंद वाहन देखे गए. इसके दक्षिणी हिस्से में सैनिकों ने चौकियां बनाई, रेत की बोरियां लगाने के साथ मशीनगन तैनात कर दी.अधिकारियों ने मॉस्को और उसके आसपास के क्षेत्रों में आतंकवाद रोधी शासन लागू करने की घोषणा की, जिसके तहत वहां नागरिकों को हासिल कई अधिकारों को सीमित कर दिया गया और सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई. मॉस्को के मेयर ने आगाह किया कि वैग्नर ग्रुप की बगावत के कारण कड़ी सुरक्षा के तहत रूस की राजधानी के कुछ हिस्सों में यातायात प्रतिबंधित किया जा सकता है.

पुतन और प्रीगोझिन के बयान

वैगनर आर्मी के विद्रोही होने पर देश के नाम संबोधन में पुतिन ने प्रीगोझिन का नाम लिए बिना उसके विद्रोह को विश्वासघात और देशद्रोह करार दिया. उन्होंने यह भी कहा, विद्रोह की साजिश रचने वाले सभी लोगों को कठोर सजा भुगतनी होगी. सशस्त्र बलों और अन्य सरकारी एजेंसियों को आवश्यक आदेश जारी कर दिए गए हैं. वहीं, रूसी राष्ट्रपति के संबोधन के बाद वैगनर चीफ प्रीगोझिन ने कहा कि उनके लड़ाके आत्मसमर्पण नहीं करेंगे, क्योंकि हम नहीं चाहते कि देश भ्रष्टाचार, धोखा और नौकरशाही के चंगुल में फंसा रहे. प्रीगोझिन ने यह भी कहा कि जहां तक मातृभूमि से विश्वासघात की बात है, तो राष्ट्रपति गलत समझ रहे हैं. हम अपनी मातृभूमि के देशभक्त हैं.

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