1. home Hindi News
  2. world
  3. pakistan pm imran khan meeting with nsc ahead of no confidence vote in pakistan national assembly smb

Imran Khan के पास कोई रास्ता नहीं, कुर्सी बचाने के लिए हर किसी के पकड़ रहे पैर, बिलावल भुट्टो ने कहा

सियासी चुनौतियों का सामना कर रहे पाकिस्तान में प्रधानमंत्री इमरान खान ने आज राष्ट्र को संबोधित करेंगे. पाकिस्तान के मंत्री फवाद चौधरी ने इस बारे में ट्वीट कर जानकारी दी.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Pakistan News: इमरान खान ने आज राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक बुलाई.
Pakistan News: इमरान खान ने आज राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक बुलाई.
फाइल

Pakistan Political Crisis News सियासी चुनौतियों का सामना कर रहे पाकिस्तान में प्रधानमंत्री इमरान खान ने आज राष्ट्र को संबोधित करेंगे. पाकिस्तान के मंत्री फवाद चौधरी ने इस बारे में ट्वीट कर जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान आज शाम राष्ट्र को संबोधित करेंगे, जिसका प्रसारण किया जाएगा. वहीं, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि एक सम्मानजनक रास्ता है कि वजीर-ए-आजम इमरान खान इस्तीफा दें और शबाज शरीफ को वोट ऑफ कॉन्फिडेंस का मौका दें.

इमरान खान के पास भागने के लिए कोई रास्ता नहीं: जरदारी

इस्लामाबाद में PPP अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने आगे कहा कि जब भी हम नेशनल असेंबली पहुंचते हैं, इमरान खान साहब शिकस्त खाते हैं. आज विपक्ष ने 175 सदस्य सदन में खड़े करके साबित कर दिया कि अब इमरान खान के पास भागने के लिए कोई रास्ता नहीं है. हर किसी के पैर पकड़ रहे हैं कि मेरी कुर्सी बचा लीजिए.

फवाद चौधरी ने लिया भारत और इजराइल का नाम

इन सबके बीच हर बार की तरह पाकिस्तान के नेताओं ने अब अपने देश में जारी राजनीतिक उठापटक के मसले में भी भारत का नाम घसीटना शुरू कर दिया है. इमरान सरकार के मंत्री फवाद चौधरी ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान भारत और इजराइल का नाम लिया. पाकिस्तान के केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी ने पाकिस्तान में जारी सियासी हालात पर प्रेस कांफ्रेंस करते हुए भारत का जिक्र किया और कहा कि मुल्क की सियासत में जो असर दिख रहा है, वह पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के घर पर रची गई साजिश का हिस्सा लगता है. चौधरी ने भारत का जिक्र करते हुए कहा कि हम जानते हैं कि कौन (नवाज शरीफ) इस खेल में खिलाड़ी की भूमिका निभा रहा है और उनके भारत और इजराइल के साथ किस तरह के संबंध हैं.

अविश्वास प्रस्ताव से पहले बुलाई गई एनएससी की बैठक

राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (National Security Committee) की एक बैठक बुलाई. यह सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा के लिए सर्वोच्च मंच है. इससे एक दिन पहले सत्ताधारी गठबंधन में एक अहम सहयोगी दल के पाला बदलने के बाद पीएम इमरान खान संसद में प्रभावी रूप से बहुमत खो चुके हैं और विपक्ष पहले ही उनकी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर चुका है.

कैबिनेट सदस्यों के साथ बुलाई गई बैठक में साझा किया गया पत्र

इससे एक दिन पहले बुधवार को पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने अपने कैबिनेट सदस्यों के साथ जल्दबाजी में बुलाई गई बैठक में एक पत्र साझा किया. जिसमें कथित तौर पर अपनी सरकार को हटाने के लिए एक विदेशी साजिश का सबूत दिखाए गए. इस बैठक में हालांकि इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के दो प्रमुख सहयोगी दलों मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान (MQM-P) और बलूचिस्तान अवामी पार्टी (BAP) ने आमंत्रित किए जाने के बावजूद हिस्सा नहीं लिया.

इमरान खान ने मीडिया को नहीं दिखाया पत्र

डान अखबार की खबर के मुताबिक, इमनान खान ने टीवी चैनलों के एंकरों के एक चुनिंदा समूह को भी बुलाया और उन्हें बताया कि पत्र की भाषा धमकी और अहंकार भरी थी और अविश्वास प्रस्ताव विफल होने पर पाकिस्तान को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. हालांकि, इमरान खान ने मीडिया को पत्र नहीं दिखाया. पाकिस्तान की संसद के निचले सदन में बृहस्पतिवार को खान के खिलाफ उनकी सरकार को गिराने के लिए संयुक्त विपक्ष द्वारा पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के लिए बैठक होनी है.

एक पाकिस्तानी दूत ने लिखा था पत्र

एनएससी की बैठक प्रधानमंत्री के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस करने के लिए नेशनल असेंबली सत्र के मौके पर हो रही है. इस बीच, पत्र का महत्व स्पष्ट रूप से कम हो गया है क्योंकि यह एक पाकिस्तानी दूत ने लिखा था और यह मेजबान देश के अधिकारियों के साथ दूतावास के अधिकारियों की बैठक पर आधारित है, जिन्होंने चल रहे यूक्रेन युद्ध के बारे में पाकिस्तान की विदेश नीति पर नाराजगी व्यक्त की थी. विपक्ष के दबाव के बाद, सरकार ने सुरक्षा पर एक संसदीय निकाय को पत्र के बारे में जानकारी देने का भी संकेत दिया है. नेशनल असेंबली के अध्यक्ष असद कैसर ने ट्वीट कर कहा कि यदि सरकार और विपक्षी पक्ष के संसदीय नेता सहमत होते हैं, तो संवेदनशील पत्र के मुद्दे पर राष्ट्रीय सुरक्षा पर संसदीय समिति की एक बंद कमरे में होने वाली बैठक में चर्चा की जा सकती है.

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें