कोरोना वायरस : पाकिस्तान ने मेडिकल उपकरणों के लिए खोल दी चीन से लगी सीमा

Updated at : 27 Mar 2020 6:27 PM (IST)
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कोरोना वायरस : पाकिस्तान ने मेडिकल उपकरणों के लिए खोल दी चीन से लगी सीमा

पाकिस्तान ने देश में कोरोना वायरस संक्रमण के तेजी से फैलने के मद्देनजर चीन से चिकित्सा सामग्री प्राप्त करने के लिए उससे लगी अपनी सीमा शुक्रवार को एक दिन के खोल दी.

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इस्लामाबाद : पाकिस्तान ने देश में कोरोना वायरस संक्रमण के तेजी से फैलने के मद्देनजर चीन से चिकित्सा सामग्री प्राप्त करने के लिए उससे लगी अपनी सीमा शुक्रवार को एक दिन के खोल दी. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. पाकिस्तान में कोरोना वायरस से संक्रमण के अब तक 1,235 मामले सामने आए हैं. चीन ने गुरुवार को पाकिस्तान से कहा था कि वह दोनों देशों के बीच स्थित सीमा को एक दिन (शुक्रवार) के लिए खोल दे, ताकि इस महामारी से निपटने के लिए मेडिकल उपकरण एवं सामग्री वहां पहुंच सके.

पाकिस्तान स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में अब तक कुल 1,235 मामलों की पुष्टि हुई है. सिंध प्रांत में सर्वाधिक 429 संक्रमित लोग हैं. इसके अलावा, पंजाब में 408, खैबर पख्तूनख्वा में 147, बलूचिस्तान में 131, गिलगिट बाल्टिस्तान में 91, इस्लामाबाद में 27 और पाक के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में दो संक्रमित व्यक्ति हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान में नौ रोगियों की मौत हो चुकी है, जबकि 23 स्वस्थ हो गये हैं और सात की हालत नाजुक है.

पाकिस्तान स्थित चीनी दूतावास ने शुक्रवार को ट्वीट किया, ‘चीन के शिंजियांग से पाकिस्तान में मेडिकल उपकरणों की आपूर्ति आज खुंजेरब दर्रे (5,000 मी) से की गयी, जो पृथ्वी पर सबसे ऊंचा स्थलीय दर्रा है. खुंजेरब दर्रा आमतौर पर सर्दियों के अंत में एक अप्रैल को खोला जाता है, लेकिन कोविड-19 के वैश्विक प्रकोप के कारण पाकिस्तान और चीन की सीमा अनिश्चित काल के लिए बंद की जा चुकी थी.

समाचार पत्र ‘द डॉन’ के मुताबिक, चीनी दूतावास ने विदेश मंत्रालय को लिखे पत्र में कहा था कि चीन के स्वायत्त क्षेत्र शिंजियांग उइगर के गवर्नर गिलगिट-बाल्टिस्तान को चिकित्सा सामग्री की एक खेप देना चाहते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, गवर्नर ने कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए मुख्य रूप से डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले 200,000 साधारण फेस मास्क, 2,000 एन-95 फेस मास्क, पांच वेंटिलेटर, 2,000 टेस्ट किट और 2,000 मेडिकल सुरक्षात्मक कपड़े देने को कहा था. यह दान गिलगिट-बाल्टिस्तान के मुख्यमंत्री हफीजुर रहमान द्वारा शिनजियांग क्षेत्र के गवर्नर को प्रांत में कोरोनावायरस से निपटने के लिए किए गए अनुरोध के जवाब में किया जा रहा है.

गौरतलब है कि 1985 के सीमा प्रोटोकॉल समझौते के तहत खुंजेरब सीमा नवंबर के अंतिम दिनों से लेकर अप्रैल तक बंद रहती है. दोनों देशों के बीच में व्यापार और यात्रा गतिविधियां खुंजेरब दर्रे के जरिये ही होती हैं, जिसे सस्ट ड्राई पोर्ट के नाम से भी जाना जाता है. चीन और पाकिस्तान के बीच यह एकमात्र सड़क संपर्क है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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