मालदीव : भारत का विरोध कर टेंशन में राष्ट्रपति मुइज्जू, संसद में भाषण का विपक्ष ने किया विरोध

Edited by Amitabh Kumar
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मुइज्जू के मंत्रियों ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ता नजर आया था. जानें मालदीव को लेकर क्या है ताजा अपडेट

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मालदीव और भारत के बीच जारी तनाव के बीच राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू आज संसद में पहला अध्यक्षीय भाषण देने जा रहे हैं जिसपर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है. आपको बता दें कि चीन समर्थक मुइज्जू के लिए भारत का विरोध काफी महंगा पड़ता नजर आ रहा है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अब उनके संसद में भाषण से पहले, मालदीव की दो मुख्य विपक्षी पार्टियों ने बहिष्कार का फैसला किया है. सोमवार को मालदीव की संसद में राष्ट्रपति के भाषण का मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी और डेमोक्रेट्स पार्टी बायकॉट करने वाली है.

सदन मे सबसे ज्यादा सीटों वाली एमडीपी ने अबतक मुइज्जू के अभिभाषण का बहिष्कार करने की वजह नहीं बताई है लेकिन, डेमोक्रेट्स् की ओर से कहा गया है कि तीन मंत्रियों की नियुक्ति को लेकर वह राष्ट्रपति के अभिभाषण में हिस्सा नहीं लेगी. यहां चर्चा कर दें कि विपक्षी दल तीन मंत्रियों की नियुक्ति का विरोध करते दिखे थे. इसके बाद भी सरकार ने तीन सदस्यों को दोबारा मंत्री बनाने का निर्णय लिया था.

भारत विरोधी रुख की वजह से मुइज्जू का विरोध

उल्लेखनीय है कि साल के पहले सत्र से पहले संसद में राष्ट्रपति का भाषण होने वाला है. भाषण में वह देश में विकास कार्य और आगे के प्लान के बारे में संसद को जानकारी देते नजर आएंगे. मुइज्जू चीन के घोर समर्थक हैं और भारत पर इशारों-इशारों में निशाना साध चुके हैं. विपक्षी दलों को यह बात पसंद नहीं आ रही है इसलिए वह मुइज्जू का विरोध कर रहे हैं. दोनों बड़े विपक्षी दलों ने पहले ही कहा था कि भारत मालदीव का लंबे समय से सहयोगी रहा है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. दोनों ही दलों ने भारत विरोधी रुख को लेकर मुइज्जू को घेरा था.

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पीएम मोदी के लक्षद्वीप के दौरे के बाद शुरू हुआ विवाद

आपको बता दें कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्षद्वीप के दौरे के बाद से सारा विवाद शुरू हुआ था. पीएम मोदी के इस दौरे के बाद मालदीव के तीन मंत्रियों ने भारत पर निशाना साधा था. इसके बाद भारत ने मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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