सलमान रुश्दी के जिंदा बचने पर हैरान है चाकूबाज हादी मतार, एक इंटरव्यू में बताई लेखक पर हमले की असली वजह

हादी मतार ने न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए साक्षात्कार के दौरान कहा कि वह सलमान रुश्दी के हमले में जिंदा बच जाने के समाचार को सुनकर हैरान है. उसने कहा कि जब उसे एक ट्वीट से पिछली सर्दियों में पता चला कि लेखक चौटाउक्वा इंस्टीट्यूट में आने वाले हैं, तो उसने वहां जाने का फैसला किया.
मेविले : अभी हाल ही के दिनों में भारतीय मूल के लेखक सलमान रुश्दी पर न्यूयॉक के एक कार्यक्रम में चाकू से हमला कर दिया गया. इस हमले के बाद भी उनके जिंदा बचने पर चाकूबाज हादी मतार हैरान नजर आ रही है. हालांकि, सलमान रुश्दी पर हमला करने वाला हादी मतार अभी जेल में बंद है, लेकिन न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए एक साक्षात्कार में उसने हैरानी जाहिर की है. अखबार ने लिखा है कि बुकर पुरस्कार से सम्मानित सलमान रुश्दी पर न्यूयॉर्क में हमला करने के आरोपी ने लेखक के जीवित बचने पर हैरानी जताई है.
हादी मतार ने न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए साक्षात्कार के दौरान कहा कि वह सलमान रुश्दी के हमले में जिंदा बच जाने के समाचार को सुनकर हैरान है. उसने कहा कि जब उसे एक ट्वीट से पिछली सर्दियों में पता चला कि लेखक चौटाउक्वा इंस्टीट्यूट में आने वाले हैं, तो उसने वहां जाने का फैसला किया. मतार ने कहा, ‘मुझे यह व्यक्ति पसंद नहीं है. मुझे नहीं लगता कि वह बहुत अच्छा व्यक्ति है.’ उसने कहा, ‘वह (रुश्दी) ऐसा व्यक्ति है, जिसने इस्लाम पर हमला किया. उसने उनकी आस्था पर हमला किया.’
हादी मतार (24) ने कहा कि वह ईरान के दिवंगत सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला रूहोल्ला खुमैनी को एक ‘बहुत अच्छा इंसान’ मानता है, लेकिन वह यह नहीं कहेगा कि वह 1989 में ईरान में खुमैनी द्वारा जारी किसी फतवे का पालन कर रहा था. रुश्दी की पुस्तक ‘द सैटेनिक वर्सेज’ को लेकर खामनेई ने उन्हें (रुश्दी को) जान से मारने का फतवा जारी किया था. ईरान ने हमले में किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इनकार किया है.
न्यूजर्सी के फेयरव्यू में रहने वाले हादी मतार ने कहा कि उसका ईरान के ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ से कोई संबंध नहीं है. उसने कहा कि उसने ‘द सैनेटिक वर्सेज’ के ‘कुछ पन्ने पढ़े’ हैं. मतार ने कहा कि वह हमले से एक दिन पहले बस से बफेलो पहुंचा था और इसके बाद वह कैब से चौटाउक्वा पहुंचा. उसने कहा कि उसने चौटाउक्वा इंस्टीट्यूट मैदान का पास खरीदा और रुश्दी के व्याख्यान से पहले वाली रात को घास पर सोया.
मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, हादी मतार का जन्म अमेरिका में हुआ है, लेकिन उसके पास दोहरी नागरिकता है. वह लेबनान का भी नागरिक है, जहां उसके माता-पिता का जन्म हुआ था. उसकी मां ने मीडिया से कहा कि हादी मतार 2018 में लेबनान में अपने पिता से मिलने गया था और तभी से उसके व्यवहार में बदलाव आया. उन्होंने कहा कि इसके बाद से मतार अपने परिवार के प्रति उदासीन रहता था.
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बता दें कि सलमान रुश्दी (75) पर पश्चिमी न्यूयॉर्क के चौटाउक्वा इंस्टीट्यूशन में एक कार्यक्रम में मंच पर हादी मतार ने हमला कर दिया था, जिसके बाद वह वेंटीलेटर पर थे. हमले के बाद सलमान रुश्दी की कई घंटों तक सर्जरी हुई. उनके एजेंट एंड्रयू वायली ने बताया कि लेखक की हालत में अब सुधार हो रहा है.
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