PHOTOS: हमास के हमले में भारतीय मूल की दो महिला की मौत! इजराइल की सुरक्षा में थी तैनात

Police officers evacuate a woman and a child from a site hit by a rocket fired from the Gaza Strip, in Ashkelon, southern Israel, Saturday, Oct. 7, 2023. The rockets were fired as Hamas announced a new operation against Israel. AP/PTI(AP10_07_2023_000186B)
हमास द्वारा सात अक्टूबर को इजराइल के दक्षिणी इलाके में किए गए भयावह हमले में भारतीय मूल की कम से कम दो इजराइली महिला सुरक्षा अधिकारी मारी गई हैं. आधिकारिक सूत्रों और समुदाय के लोगों ने रविवार को इसकी पुष्टि की.

हमास द्वारा सात अक्टूबर को इजराइल के दक्षिणी इलाके में किए गए भयावह हमले में भारतीय मूल की कम से कम दो इजराइली महिला सुरक्षा अधिकारी मारी गई हैं. आधिकारिक सूत्रों और समुदाय के लोगों ने रविवार को इसकी पुष्टि की.

आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि की कि सात अक्टूबर को हमास की ओर से किए गए हमले में अशदोद के होम फ्रंट कमान की कमांडर 22 वर्षीय लेफ्टिनेंट ऑर मोसेस तथा पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की सीमा पुलिस अधिकारी निरीक्षक किम डोकरकर मारी गई हैं.

ऐसा कहा जा रहा है कि इन दोनों महिला अधिकारियों की मौत संघर्ष के दौरान लड़ते हुए हुयी है. सेना के अधिकारियों के मुताबिक, युद्ध में अब तक सेना के 286 जवान और 51 पुलिस अधिकारी मारे गए हैं.

समुदाय के कई सदस्यों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि और भी पीड़ित हो सकते हैं, क्योंकि इजराइल मृतकों की पहचान की पुष्टि कर रहा है और लापता या संभवत: अपहृत लोगों की तलाश कर रहा है.

समुदाय की 24 वर्षीय महिला शहाफ टॉकर अपने दोस्त के साथ बच हमले में बाल-बाल गयी थी. उन्होंने अपने दादा के माध्यम से ‘पीटीआई-भाषा’को अपनी आपबीती बताई.

शहाफ के दादा याकोव 1963 में 11 साल की उम्र में मुंबई से जाकर इजराइल में बस गए थे. उन्होंने बताया कि उनकी पोती अब भी सदमे में है और मानसिक पीड़ा के कारण बोलने में असमर्थ है, इसलिए उसने सोचा कि लिखित में बताने से उसका तनाव कुछ कम हो जाएगा.

याकोव उत्तरी इजराइल के पेताह टिकवा में रहते हैं. उन्होंने बताया, ‘‘आज तड़के शहाफ अपने कुछ दोस्तों के अंतिम संस्कार में शामिल हुई, जो रेव म्यूजिक पार्टी में हुए नरसंहार में मारे गए थे. पार्टी में हमास के हमले में 270 युवा मारे गए थे.’’

शहाफ ने बताया कि वह अपने मित्र यानिर के साथ पार्टी में थी तभी उसने रॉकेटों को अपने सिर के ऊपर से जाते देखा.

उन्होंने बताया, ‘‘हम भागते हुए कार में पहुंचे और तेजी से गाड़ी चलाने लगे. पुलिस ने दाएं मुड़ने को कहा लेकिन यह तेल अवीव की सड़क नहीं थी, इसलिए हम वापस मुड़ कर दूसरी ओर चले गए. हमारी इस गलती से जान बची क्योंकि वे (हमलावर) सड़क अवरुद्ध ��रके हमारा इंतजार कर रहे थे, तीन वैन में लगभग आठ चरपमंथी थे.’’

सूत्रों ने बताया कि हमले में घायल केरल की नर्स शीजा आनंद की स्थिति अब स्थिर है. हमास के सात अक्टूबर के उत्तरी इजराइल के अश्कलोन शहर पर रॉकेट से किए गए हमले में वह घायल हो गई थीं और उनके हाथ और पैर में चोट आई थी. उन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
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By Aditya Kumar
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