Israel Hamas War: गाजा पट्टी के अल-शिफा अस्पताल में घुसी इजरायली सेना, हुआ चौंकाने वाला खुलासा
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 15 Nov 2023 9:21 AM
Palestinians walk past the buildings destroyed in the Israeli bombardment of the Gaza Strip, at the main road in Bureij refugee camp, Gaza Strip, Tuesday, Nov. 14, 2023. AP/PTI(AP11_14_2023_000240B)
Israel Hamas War: पांच नवंबर के बाद से करीब दो लाख और लोग उत्तरी गाजा से विस्थापित हुए हैं क्योंकि इजरायली सेना अस्पतालों के आसपास फलस्तीनी आतंकवादियों से लड़ रही है. संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के कार्यालय ने इस बाबत जानकारी दी है. जानें युद्ध का ताजा हाल

इजराइल और हमास के बीच युद्ध का आज 40वां दिन है. आज भी आतंकियों पर इजराइली सेना उसी तरह से टरगेट कर रही है जैसाकि पहले दिन कर रही थी. युद्ध का जो ताजा अपडेट आ रहा है उसके अनुसार, इजरायल-हमास जंग के बीच गाजा पट्टी के अल-शिफा अस्पताल में इजरायली सेना के घुस चुकी है.

गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने न्यूज वेबसाइट अल जजीरा को बताया कि इजरायली सेनाएं अल शिफा अस्पताल के तहखाने की तलाशी ले रही हैं. बताया जा रहा है कि अस्पताल में सुरंग मिली है जिसका आतंकी यूज करते थे.
🔴 Operational Update:
— Israel Defense Forces (@IDF) November 15, 2023
IDF forces are carrying out a precise and targeted operation against Hamas in a specified area in the Shifa Hospital, based on intelligence information and an operational necessity.
The IDF is conducting a ground operation in Gaza to defeat Hamas and…

इजरायली सेना के इस बयान कि, वह गाजा के अल शिफा अस्पताल में हमास के खिलाफ छापेमारी कर रही है, पर व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया सामने आई है. व्हाइट हाउस ने कहा है कि वह किसी अस्पताल पर एयर स्ट्राइक करने का समर्थन नहीं करता है और किसी अस्पताल में गोलीबारी भी अच्छी चीज नहीं है.

हमास के अनुसार, लगभग 650 मरीज और 5,000-7,000 विस्थापित लोग अल-शिफ़ा के अंदर फंसे चुके हैं. उन पर स्नाइपर्स और ड्रोन से लगातार गोलीबारी की जा रही है. आतंकी समूह ने कहा कि 40 मरीजों की मौत हो गई है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल में 36 प्री-मुच्योर जन्मे बच्चे हैं जिन्हें जीवित रहने के लिए इनक्यूबेटर की जरूरत होती है. इससे पहले इज़राइल ने मंगलवार को कहा कि वह पोर्टेबल, बैटरी चालित इनक्यूबेटर दे रहा है ताकि बच्चों को निकाला जा सके.
Also Read: Israel Hamas War: गाजा के मुख्य अस्पताल के पास भारी लड़ाई जारी, लोग अंदर फंसे
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अशरफ अल-किदरा ने कहा कि अभी तक बच्चों को बाहर निकालने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है. अल-शिफा अस्पताल के निदेशक मोहम्मद अबू सिलमीह ने गत शनिवार को कहा था कि डॉक्टरों को बच्चों को जीवित रखने के लिए उन्हें सिलोफ़न में लपेटना पड़ा.

गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अशरफ अल-किदरा ने यह भी कहा कि अंदर लगभग 100 शव पड़े हैं जो सड़ रहे हैं. इन्हें अस्पताल के कर्मचारी बाहर नहीं निकाल पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमज उन्हें अल-शिफा मेडिकल कॉम्प्लेक्स के अंदर एक सामूहिक कब्र में दफनाने की योजना पर काम कर रहे हैं. रॉयटर्स ने इस खबर को प्रकाशित की है.
Also Read: Israel Hamas War Video: हमास के साथ समझौता कर लेगा इजराइल?
इजरायली सेना की ओर से कहा गया है कि अल शिफा अस्पताल आतंक का अड्डा बना हुआ है. हमास के आतंकवादी यहां रहते हैं जो इमारत, मरीजों और कर्मचारियों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहा है.

हमास और गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने इजरायली सेना के दावों का खंडन किया है और कहा है कि इजराइल स्वास्थ्य सुविधाओं पर हमलों को सही ठहराने के लिए निराधार आरोप लगा रहा है.

हमास ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन पर गंभीर आरोप लगाया है. उसने अल-शिफा अस्पताल में इजराइली सेना के घुसने के पीछे अमेरिका का हाथ बताया है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










