Israel Hamas War: आसान नहीं था आयरन डोम को चकमा देना, हमास ने ऐसे तोड़ा इजराइल का रक्षा कवच

Published by : Pritish Sahay Updated At : 11 Oct 2023 8:59 PM

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Israel Hamas War Updates: फिलिस्तीन की ओर आने वाले रॉकेट को इजराइल का आयरन डोम हर बार नेस्तनाबूद कर देता है. इस बार हमस ने आयरन डोम की पहले कमजोरी पकड़ी फिर उसे नाकाम करने का तरीका निकाला.

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Israel Hamas War Updates: इजराइल और फिलिस्तीन के बीच भीषण युद्ध चल रहा है. हमास के ठिकानों पर इजराइल का हमला लगातार जारी है. हमास भी तेल अवीव समेत अन्य इजराइली इलाकों पर रॉकेटों बरसा रहा है. बीते शनिवार (7 अक्टूबर) को हमास ने अचानक जल, थल और वायु तीनों तरफ से इजराइल पर हमला बोल दिया. गाजा पट्टी की ओर से हमास ने हजारों की तादाद में रॉकेट से हमला किया. इस हमले में जो सबसे बड़ी बात सामने आयी वो यह कि इजराइल का खुफिया विभाग मोसाद और रक्षा कवच यानी आयरन डोम बुरी तरह फेल हो गया. मोसाद और आयरन डोम की नाकामी के कारण इजराइल को जान-माल की काफी क्षति हुई, साथ ही उसके साख पर भी बट्टा लगा. ऐसे में सवाल है कि दुनिया की सबसे तेज-तर्रार खुफिया विभागों में से एक मोसाद और आयरन डोम सिक्यूरिटी सिस्टम फेल कैसे हो गया.

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आयरन डोम और मोसाद पर सवाल
जिस आयरन डोम की पूरी दुनिया में वाहवाही होती है और दुनिया जिस खुफिया विभाग की तारीफ करते नहीं थकते वो दोनों अचानक फेल कैसे हो गये. इजराइल का इतना पुख्ता सिक्युरिटी सिस्टम अचानक से फेल कैसे हो गया. फिलिस्तीन की ओर से दागे गये जिन रॉकेटों को आयरन डोम हवा में ही उड़ा देता था वो इजराइली जमीन पर मौत का तांडव कैसे कर पाये. इजराइल की आंख, कान और नाक समझे जाने वाले मोसाद को हमास के इरादों की भनक तक कैसे नहीं लगी. इजराइल समेत पूरी दुनिया अचरज कर रही है कि इतनी बड़ी साजिश का इजराइल को पता कैसे नहीं चला.

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कैसे फेल हुआ आयरन डोम
फिलिस्तीन की ओर आने वाले रॉकेट को इजराइल का आयरन डोम हर बार नेस्तनाबूद कर देता है. इस बार हमस ने आयरन डोम की पहले कमजोरी पकड़ी फिर उसे नाकाम करने का तरीका निकाला. आम तौर पर  आयरन डोम ऊंचाई से आने वाले रॉकेट को पहले ही डिटेक्ट कर लेता है और उसे हवा में ही नष्ट कर देता है. लेकिन बहुत नीचे से आने वाले चीजों को यह आसानी से डिटेक्ट नहीं कर पाता. आयरन डोम की इस कमजोरी को ताड़कर हमास ने हमले में ग्लाइडर और ऐसे ड्रोन का इस्तेमाल किया जो नीचे से उड़ान भर सके.  

एक साथ दागे हजारों रॉकेट
इसके अलावा हमास ने इजराइल की ओर एक साथ 5000 से ज्यादा रॉकेट दाग दिया. एक साथ इतने रॉकेट को आयरन डोम डिडेक्ट नहीं कर पाया और हमास के रॉकेट ने इजराइल की जमीन पर जमकर  तबाही मचाई. हालांकि इजराइल का यह एयर डिफेंस सिस्टम काफी मजबूत है. और दुश्मन देशों की ओर से आने वाले 90 फीसदी रॉकेट को हवा में ही नष्ट कर देता है. हर बार हमस के साथ युद्ध में आयरन डोम उसके रॉकेट और ड्रोन को हवा में नष्ट कर देता है लेकिन इस बार हमास ने उसकी काट निकाली और आयरन डोम को चकमा देकर इजराइल में तबाही मचाने में कामयाब रहा.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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