Coronavirus pandemic के बीच इमरान खान ने भारत के खिलाफ उगला जहर

पूरी दुनिया में फैली कोरोना वायरस महामारी के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक बार फिर कश्मीरी राग अलापा है.
इस्लामाबाद : पूरी दुनिया में फैली कोरोना वायरस महामारी के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक बार फिर कश्मीरी राग अलापा है. हालांकि, अभी हाल ही में कोरोना वायरस महामारी की गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये दक्षिण एशियाई देशों के प्रमुखों की आयोजित बैठक में पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने भी कश्मीर का राग अलापा था. अब इमरान खान ने भारत सरकार की ओर से जम्मू-कश्मीर में जनसांख्यिकीय संरचना को गैर कानूनी रूप से बदलने की आड़ में भारत पर निशाना साधा है.
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने गुरुवार को एक के बाद एक कुल तीन ट्वीट करके भारत के खिलाफ जहर उगला. इमरान ने ट्विटर पर लिखा है कि सभी अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संधियों को दरकिनार कर जम्मू-कश्मीर के अधिवास नियमों अवैध तरीके से बदलने की नस्लभेदी हिंदुत्व श्रेष्ठता वाली मोदी सरकार की निरंतर की जा रही कोशिशों की हम कड़ी निंदा करते हैं. नया जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन आदेश 2020 चौथे जिनेवा कन्वेंशन का सीधा-सीधा उल्लंघन है.
दूसरे ट्वीट में इमरान ने आरोप लगाया है कि अभी दुनिया का ध्यान कोरोना वायरस महामारी पर है और भारत इसी बात का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कश्मीर राग अलापते हुए संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि उन्हें भारत को ‘यूएनएससी प्रस्तावों और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन’ करने से रोकना चाहिए. तीसरे ट्वीट में इमरान ने लिखा है कि पाकिस्तान ‘भारत प्रायोजित आतंकवाद’ और कश्मीरियों को ‘स्वनिर्णय के अधिकार से वंचित’ किये जाने का ‘पर्दाफाश’ करना जारी रखेगा.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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