खाड़ी देशों के गैस ठिकानों पर हमले, मिडिल ईस्ट संघर्ष ने बढ़ाई पूरी दुनिया की चिंता
गैस ठिकानों पर हमले, फोटो- पीटीआई
Middle East Tension: खाड़ी देशों के गैस ठिकानों पर हमलों ने मिडिल ईस्ट में छिड़े संघर्ष को और खतरनाक बना दिया है. ऊर्जा ठिकानों पर बढ़ते हमलों से तेल-गैस आपूर्ति, वैश्विक बाजार और विश्व अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ रहा है. क्षेत्रीय तनाव अब पूरी दुनिया के लिए बड़ी चिंता बनता जा रहा है.
Middle East Tension: 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में शुरू हुआ संघर्ष अब पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले चुका है. युद्ध शुरू होने के बाद हमले अक्सर एक देश तक सीमित नहीं रहते और उनका असर सीमाओं को पार कर कई देशों तक पहुंच जाता है. मिडिल ईस्ट में भी कुछ ऐसा ही हाल देखने को मिल रहा है. इज़राइल द्वारा ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड को निशाना बनाए जाने के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है. इसके तहत ईरान कतर, सऊदी अरब और यूएई के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बना रहा है, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है.
कुवैत के तेल और गैस ठिकानों पर ईरान का हमला
इसी बीच कुवैत ने शुक्रवार को दावा किया कि उसकी मीना अल-अहमदी तेल रिफाइनरी पर ईरान ने फिर से ड्रोन हमला किया, जिससे रिफाइनरी की कई इकाइयों में आग लग गई. इससे एक दिन पहले गुरुवार को भी इसी रिफाइनरी पर हमला हुआ था, जिसमें आग लगने की घटना सामने आई थी. कुवैत के मुताबिक दमकलकर्मी आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं और फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.
युद्ध से ऊर्जा बाजारों में भारी उथल-पुथल
इस युद्ध का असर केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ रहा है. इज़राइल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ऊर्जा बाजारों में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है. युद्ध शुरू होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जबकि तेल के वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 60 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. साफ है कि अगर हालात ऐसे ही बिगड़ते रहे तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है.
युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ हार्मुज बंद
युद्ध के कारण ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जलमार्ग को भी बंद कर दिया है. इस मार्ग के बंद होने से वैश्विक ईंधन आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से दुनिया में होने वाले कुल तेल परिवहन का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है.
यूरोपीय संघ ने की स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की मांग
बढ़ते ऊर्जा संकट को देखते हुए ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के नेताओं की एक आपात बैठक भी हुई. इस बैठक में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने और पश्चिम एशिया में ऊर्जा अवसंरचना पर हो रहे हवाई हमलों को रोकने की मांग की गई. यूरोपीय परिषद के नाम से जाने जाने वाले 27 सदस्य देशों के नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी कर ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने और युद्ध में शामिल सभी पक्षों से तनाव कम करने तथा अधिकतम संयम बरतने की अपील की. शिखर सम्मेलन से पहले बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डे वेवर ने कहा कि ऊर्जा संकट को लेकर सभी देश बेहद चिंतित हैं. उन्होंने कहा कि युद्ध से पहले ही ऊर्जा की कीमतें ऊंची थीं, लेकिन इस संघर्ष ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pritish Sahay
प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










