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कोविड अस्पताल में लगी आग, 44 लोगों की दर्दनाक मौत, 67 घायल, गुस्साये परिजनों ने जला दी पुलिस की गाड़ी

By Prabhat khabar Digital
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Fire in Covid Hodpital : इराक (Iraq) के दक्षिणी शहर नासिरिया (Nassiriya) में एक कोविड अस्पताल (Covid Hospital) में ऑक्सीजन टैंक विस्फोट के कारण आग लगने से कम से कम 44 लोगों की मौत हो गई और 67 से अधिक घायल हो गये. समाचार एजेंसी रायटर्स के मुताबिक स्वास्थ्य अधिकारियों और पुलिस ने सोमवार को कहा कि मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है. एक सरकारी बयान में कहा गया कि बचावकर्मियों ने और शवों की तलाश में धुएं से झुलसी इमारत में तलाशी ली.

प्रधानमंत्री मुस्तफा अल-कदीमी ने वरिष्ठ मंत्रियों के साथ तत्काल बैठक की और नासिरिया में स्वास्थ्य और नागरिक सुरक्षा प्रबंधकों को निलंबित करने और गिरफ्तार करने का आदेश दिया. बयान में कहा गया है कि अस्पताल के प्रबंधक को भी निलंबित कर दिया गया और गिरफ्तार करने का आदेश दिया गया. युद्ध और प्रतिबंधों से पहले ही नष्ट हो चुके इराक की स्वास्थ्य प्रणाली कोरोनोवायरस संकट से बुरी तरह जूझ रही है.

कोरोना संक्रमण से इस देश में 17,592 लोग मारे गए हैं और 1.4 मिलियन से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं. घटनास्थल पर मौजूद रॉयटर्स के एक रिपोर्टर ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मचारियों ने जलते हुए अस्पताल से शवों को बाहर निकाला, जबकि कई मरीज बढ़ते धुएं से खांस रहे थे. नासिरिया के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि आग पर काबू पाने के बाद अल-हुसैन कोविड अस्पताल में तलाशी अभियान जारी था. लेकिन घने धुएं के कारण कुछ जले हुए वार्डों में प्रवेश करना मुश्किल हो रहा था.

एक स्वास्थ्य कार्यकर्ता ने जलती हुई इमारत में प्रवेश करने से पहले रायटर को बताया कि भीषण आग में कोरोनोवायरस वार्ड के अंदर कई मरीज फंस गये हैं और बचाव दल उन तक पहुंचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. प्रारंभिक पुलिस रिपोर्टों ने कहा गया कि अस्पताल के कोविड-19 वार्ड के अंदर एक ऑक्सीजन टैंक विस्फोट के कारण यह आग लगी थी. अस्पताल के एक गार्ड अली मुहसिन ने कहा कि मैंने कोरोनोवायरस वार्ड के अंदर एक बड़ा विस्फोट सुना और फिर आग बहुत तेजी से भड़की.

स्वास्थ्य सूत्रों ने कहा कि इससे पहले सोमवार की आग से मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कई मरीज अभी भी लापता हैं. उन्होंने बताया कि मरने वालों में दो स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल हैं. रॉयटर्स के एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि गुस्साए रिश्तेदार अस्पताल के सामने जमा हो गये और पुलिस से भिड़ गये, दो पुलिस वाहनों में आग लगा दी. एक युवक ने अस्पताल के प्रांगण में कंबल में लिपटे शवों को देखते हुए कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों को आग और निर्दोष मरीजों की हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए. मेरे पिता का शव कहां है.

Posted By: Amlesh Nandan.

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