पाकिस्तान दौरे पर क्लिंटन की सुरक्षा का 26 साल पुराना राज खुला, पत्रकार ने बताया कैसे रचा गया था प्लेन डिकॉय का खेल

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White House (Photo : Reuters)

26 साल बाद अमेरिकी पत्रकार सुसान पेज ने बिल क्लिंटन के 2000 के पाकिस्तान दौरे से जुड़ा एक गोपनीय सुरक्षा ऑपरेशन उजागर किया है. जानिए कैसे क्लिंटन की सुरक्षा के लिए डिकॉय विमान का इस्तेमाल किया गया और पत्रकारों को भी गुप्त जानकारी दी गई थी.

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Bill Clinton Pakistan Visit : अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के साल 2000 के पाकिस्तान दौरे से जुड़ा एक बेहद गोपनीय सुरक्षा ऑपरेशन 26 साल बाद सामने आया है. व्हाइट हाउस की वरिष्ठ पत्रकार रही सुसान पेज ने खुलासा किया है कि क्लिंटन के पाकिस्तान दौरे के दौरान उनकी सुरक्षा के लिए एक डिकॉय विमान का इस्तेमाल किया गया था. खास बात यह है कि उस समय पत्रकारों को इस योजना के बारे में पहले ही गोपनीय ब्रीफिंग दी गई थी.

पाकिस्तान जाने से पहले पत्रकार को दी गई थी गुप्त जानकारी

द वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, मार्च 2000 में क्लिंटन के भारत से पाकिस्तान रवाना होने से पहले प्रशासन ने तत्कालीन व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन की प्रमुख सुसान पेज को ऑफ-द-रिकॉर्ड ब्रीफिंग के लिए बुलाया था. अधिकारियों ने उन्हें बताया था कि पाकिस्तान की उड़ान बेहद जोखिम भरी है और राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए कई असाधारण इंतजाम किए जा रहे हैं.

इनमें एक डिकॉय प्लेन का इस्तेमाल भी शामिल था. पेज के मुताबिक, उस समय खतरा सिर्फ राष्ट्रपति तक सीमित नहीं था, बल्कि उनके साथ यात्रा कर रहे पत्रकार भी जोखिम में थे.

कैमरों के सामने उतरा एक विमान, क्लिंटन दूसरे से निकले

इस सुरक्षा ऑपरेशन का सबसे दिलचस्प हिस्सा तब सामने आया, जब मार्च 2000 में इस्लामाबाद एयरपोर्ट पर कैमरों के सामने Air Force One के निशान वाला एक विमान उतरा. एक सीक्रेट सर्विस अधिकारी, जो देखने में क्लिंटन जैसे लगते थे, पहले विमान से बाहर निकले.

इसके कुछ ही देर बाद एक बिना किसी खास पहचान वाला दूसरा विमान वहां पहुंचा. इसी विमान से असल में राष्ट्रपति बिल क्लिंटन बाहर निकले. इस तरह संभावित हमलावरों को राष्ट्रपति के वास्तविक विमान और उनकी लोकेशन को लेकर भ्रमित किया गया.

26 साल बाद क्यों खोला राज?

सुसान पेज ने बताया कि उन्होंने इतने वर्षों तक इस घटना के बारे में बात नहीं की, क्योंकि उस समय उन्हें दी गई जानकारी ऑफ-द-रिकॉर्ड थी. लेकिन अब 26 साल से ज्यादा समय बीत चुका है और क्लिंटन के पाकिस्तान पहुंचते ही डिकॉय ऑपरेशन का सच सामने आ गया था, इसलिए उन्होंने इस घटना के बारे में बताना उचित समझा.

ट्रंप के विमान बदलने की घटना से फिर चर्चा में आया मामला

क्लिंटन का यह पुराना सुरक्षा ऑपरेशन उस समय चर्चा में आया है, जब हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर भी इसी तरह के विमान बदलने की खबर सामने आई. द वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, पिछले महीने तुर्किये से रवाना होते समय ट्रंप ने कथित तौर पर एक विश्वसनीय ईरानी खतरे के चलते विमान बदल लिया था.

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप को एयरपोर्ट के एक कैटरिंग ट्रक के जरिए एक बिना पहचान वाले Air Force C-32A विमान तक ले जाया गया, जबकि पत्रकारों और कुछ अधिकारियों को लेकर राष्ट्रपति का आधिकारिक विमान डिकॉय की भूमिका में आगे गया.

व्हाइट हाउस ने इस तरह की सुरक्षा व्यवस्था का सीधे तौर पर जिक्र किए बिना कहा कि राष्ट्रपति को कई दुश्मनों से लगातार खतरा है और प्रशासन उनकी सुरक्षा के लिए उपलब्ध हर जरूरी साधन का इस्तेमाल करता है.

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आलोक पाठक

लेखक के बारे में

By आलोक पाठक

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

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