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Bangladesh Violence : शेख मुजीबुर रहमान के घर में लगाई गई आग, शेख हसीना ने कहा- याद रखना इतिहास लेता है बदला

Updated at : 06 Feb 2025 10:27 AM (IST)
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Bangladesh Violence

शेख मुजीबुर रहमान की तस्वीर को पैर से दबाने की कोशिश करते प्रदर्शनकारी

Bangladesh Violence : पिता शेख मुजीबुर रहमान के घर में आग लगाए जाने के बाद शेख हसीना ने कहा है कि याद रखना इतिहास बदला लेता है.

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Bangladesh Violence : बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने ताजा हिंसा को लेकर रिएक्ट किया है. उन्होंने पिता शेख मुजीबुर रहमान के ढाका स्थित आवास में आग लगाने को लेकर कहा, ”इतिहास को नहीं मिटाया जा सकता है.” उन्होंने कहा कि किसी ढांचे को मिटाने से किसी का इतिहास नहीं मिट जाता है. अवामी लीग ने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए हसीना के वर्चुअल बयान को रिलीज किया है. पूर्व पीएम ने बांग्लादेश के स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक महत्व वाले स्थल 32 धानमंडी निवास पर हमले के पीछे के मकसद पर सवाल उठाया है.

शेख हसीना ने कहा, ”एक घर से क्यों डरना? मैं बांग्लादेश के लोगों से न्याय चाहती हूं. क्या मैंने अपने देश के लिए कुछ नहीं किया? फिर इतना अपमान क्यों? मेरी बहन और मेरी एकमात्र याद से जुड़े इस चीज को मिटाना क्यों चाहते हैं आप? उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, ”उन्हें यह भी याद रखना चाहिए कि इतिहास अपना बदला लेता है.”

शेख मुजीबुर रहमान के ढाका स्थित घर में तोड़फोड़

बुधवार की रात भारी भीड़ ने बांग्लादेश के संस्थापक पिता शेख मुजीबुर रहमान के ढाका स्थित घर में तोड़फोड़ की. इसे आग के हवाले कर दिया. शेख हसीना ने अवामी लीग कार्यकर्ताओं से मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के खिलाफ विरोध करने की ऑनलाइन अपील की थी. इसके बाद यह घटना देखने को मिली.

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यह घर बांग्लादेश के इतिहास में एक प्रतिष्ठित प्रतीक है. ऐसा इसलिए क्योंकि मुजीबुर ने दशकों तक स्वतंत्रता-पूर्व स्वायत्तता आंदोलन का नेतृत्व यहीं से किया. शेख हसीना के शासन के दौरान, इसे एक संग्रहालय में बदल दिया गया था. इसे देश के प्रमुख या गणमान्य व्यक्तियों द्वारा राज्य प्रोटोकॉल के अनुसार देखा जाता था.

बांग्लादेश छोड़कर भागी शेख हसीना हैं भारत में

शेख हसीना अगस्त 2024 से भारत में रह रही हैं. बड़े पैमाने पर छात्र-नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन के बाद बांग्लादेश से वह भाग गई थीं. आंदोलन ने उनकी अवामी लीग की 16 साल की सरकार को उखाड़ फेंका था.

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

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