मिस्र में चुनाव के लिए हिलेरी ने मांगी थी भारत की मदद

Published at :31 Oct 2015 12:39 PM (IST)
विज्ञापन
मिस्र में चुनाव के लिए हिलेरी ने मांगी थी भारत की मदद

वाशिंगटन : मिस्र में लंबे समय तक राष्ट्रपति रहे हुस्नी मुबारक के लोकप्रिय क्रांति के पश्चात अपदस्थ हो जाने पर वर्ष 2011 में वहां स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने भारत की मदद मांगी थी. हिलेरी ने नागरिक सुरक्षा, लोकतंत्र और मानवाधिकार की प्रभारी विदेश उपमंत्री मारिया को […]

विज्ञापन

वाशिंगटन : मिस्र में लंबे समय तक राष्ट्रपति रहे हुस्नी मुबारक के लोकप्रिय क्रांति के पश्चात अपदस्थ हो जाने पर वर्ष 2011 में वहां स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने भारत की मदद मांगी थी. हिलेरी ने नागरिक सुरक्षा, लोकतंत्र और मानवाधिकार की प्रभारी विदेश उपमंत्री मारिया को लिखा था, ‘क्या वे (भारत) मिस्र में मदद कर सकते हैं?’ उन्होंने तत्कालीन भारतीय विदेश सचिव निरुपमा राव से भेंट से पूर्व मारिया को यह ई-मेल भेजा था. मारिया ने 14 फरवरी, 2011 को हिलेरी को जवाब में लिखा, ‘मैं भारत से वापस आ रही हूं जहां मेरी विदेश सचिव राव और भारतीय चुनाव आयोग के साथ वैश्विक स्तर पर चुनावों में भारत की भूमिका बढाने तथा तीसरी दुनिया के देशों में अधिक सहयोग की संभावना के बारे में सकारात्मक वार्ता हुई.’

उन्होंने लिखा, ‘विदेश सचिव राव चुनाव आयोग के साथ इस प्रस्ताव पर चर्चा कर रही हैं, आयोग को अमेरिकी संस्थानों के साथ अधिक सहयोग में गहरी दिलचस्पी है. बॉब ब्लेक और जब भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त अगले सप्ताह वाशिंगटन डीसी आयेंगे तो मैं फिर उनसे मिलूंगी.’ बॉब ब्लेक उन दिनों दक्षिण और मध्य एशिया के प्रभारी अमेरिकी विदेश सहायक मंत्री थे. अमेरिकी विदेश विभाग ने हाल ही में हिलेरी के जो ईमेल जारी किये हैं, उनमें भारत का जिक्र कई बार आया है. वैसे तो भारत-पाकिस्तान से जुडे ज्यादातर ईमेलों को संपादित किया गया है लेकिन उनसे पता चलता है कि हिलेरी क्लिंटन को अमेरिका-भारत संबंध में व्यक्तिगत रुचि थी. एक ईमेल में तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री ने अक्तूबर, 2011 में श्याम शरण के ‘भारत प्रशांत क्षेत्र का प्रबंधन’ नामक आलेख को अग्रसारित किया था.

इस आलेख को बहुत रोचक करार देते हुए तत्कालीन विदेश उपमंत्री विलियम बर्न्स ने लिखा कि शरण ने भारत अमेरिकी असैन्य परमाणु करार में बडी भूमिका निभायी. एक अन्य ईमेल में अमेरिकी विदेश मंत्री को जनरल बिक्रम सिंह को मार्च 2012 में अगला सेना प्रमुख नियुक्त किये जाने के बारे में बताया गया. बसंत एस सांघेरा नामक एक व्यक्ति ने हिलेरी के निजी स्टाफ को एक ईमेल लिखा कि भारत में नये (सेना) प्रमुख की नियुक्ति हुई है लेकिन यह पाकिस्तान जैसी कोई बडी बात नहीं है. पांच मार्च, 2010 को बर्न्स ने हिलेरी को बताया कि उनके और तत्कालीन भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन के बीच परमाणु पुनर्प्रसंस्करण करार पर सहमति बन गयी है.

बर्न्स ने लिखा, ‘मैंने पिछले कुछ दिनों में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार से चार बार बातचीत की और हमने परमाणु पुनर्प्रसंस्करण करार पूरा कर लिया है जैसा कि आपने पिछले साल के आखिर में प्रधानमंत्री (मनमोहन) सिंह से वादा किया था कि हम इसे पूरा कर लेंगे. अमेरिकी वार्ताकार (आईएसएन के डिक स्ट्रेटफोर्ड) और टिम रोमर इसके श्रेय के हकदार है. हमें मूलसामग्री को देखने की और कांग्रेस की सुनवाई के लिए ब्रीफिंग तैयार करने की जरुरत है जिसके बाद उसे सार्वजनिक किया जा सकता है लेकिन यह एक महत्वपूर्ण कदम है.’

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola