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पाकिस्तान से प्राप्त परमाणु हथियार से अमेरिका पर हमला करने की असीम संभावना : ISIS

Updated at : 24 May 2015 3:32 PM (IST)
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पाकिस्तान से प्राप्त परमाणु हथियार से अमेरिका पर हमला करने की असीम संभावना : ISIS

लंदन : इस्लामिक स्टेट (आईएस) की पत्रिका के नवीनतक अंक में कहा गया है कि इस बात की असीम संभावना है कि तस्करी के माध्यम से पाकिस्तान से परमाणु हथियार हासिल कर रहा धनसंपन्न यह दुर्दांत आतंकवादी संगठन सालभर के अंदर अमेरिका पर हमला करेगा. आईएस की अंग्रेजी पत्रिका दाबिक में इस आशय का आलेख […]

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लंदन : इस्लामिक स्टेट (आईएस) की पत्रिका के नवीनतक अंक में कहा गया है कि इस बात की असीम संभावना है कि तस्करी के माध्यम से पाकिस्तान से परमाणु हथियार हासिल कर रहा धनसंपन्न यह दुर्दांत आतंकवादी संगठन सालभर के अंदर अमेरिका पर हमला करेगा.

आईएस की अंग्रेजी पत्रिका दाबिक में इस आशय का आलेख छपा है और जान पडता है कि इसमें बढ़चढ़कर बातें कही गयी है. ब्रिटिश पत्रकार जॉन कैंटली द्वारा लिखे गए इस आलेख में इस्लामिक स्टेट ने मध्य एशिया, अफ्रीका और एशिया के आतंकवादी इस्लामी संगठनों को एक वैश्विक मुहिम के लिए एकजुट होने का सुझाव दिया है.

पिछले कुछ महीनों में पश्चिमी देशों के कई नागरिकों को मौत के घाट उतार देने वाले इस आतंकवादी संगठन ने कहा कि वह सालभर के अंदर अपना पहला परमाणु आयुध खरीदने के लिए अपने खजाने से अरबों डॉलर खर्च करेगा. उसने अपने इस दुष्प्रचार में फोटोपत्रकार कैंटली को नियमित रुप से इस्तेमाल किया है जो दो साल से भी अधिक समय से आईएसआईएस या आईएसआईएल के कब्जे में है.

‘परफेक्ट स्टोर्म’ शीर्षक वाले इस आलेख में कहा गया है, ‘इस्लामिक स्टेट के पास बैंक में अरबों डॉलर है अतएव वह पाकिस्तान में अपनी इकाई से आह्वान करता कि वह क्षेत्र में भ्रष्ट अधिकारियों से संपर्क रखने वाले हथियार दलालों के जरिए परमाणु उपकरण खरीदें.’टेलीग्राफ की खबर के अनुसार इस पत्रिका में एक काल्पनिक संभावना जतायी गयी है जिसके तहत पाकिस्तान में आईएसआईएस के आतंकवादी परमाणु उपकरण हासिल करने के लिए अधिकारी को रिश्वत देंगे और फिर इस परमाणु उपकरण को लीबिया, नाईजीरिया और मैक्सिको के रास्ते तस्करी के जरिए अमेरिका ले जाया जाएगा.

माना जाता है कि कैंटली ने दबाव में यह आलेख लिखा है लेकिन अतिश्योक्ति, लक्षणा और व्यंजना की अपनी हॉलमार्क शैली में उन्होंने कहा है कि इस संगठन पर काबू पाने की अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की नीतियां स्पष्ट रुप से विफल रही हैं और अमेरिका के लिए जोखिम बढा है.यह आलेख ऐसे समय में छपा है जब इस्लामिक स्टेट के लडाकों ने सीरिया और इराक में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है और प्राचीन शहर पाल्माइरा में संग्रहालय पर हमला किया है तथा इराक के सबसे बडे प्रांत की राजधानी रमादी पर कब्जा कर लिया है.

रमादी के हाथ से चले जाने को ओबामा ने एक रणनीतिक झटका बताया है. ओबामा ने इस बात पर बल दिया है कि इस आतंकवादी संगठन के खिलाफ अमेरिका की अगुवाई वाला अभियान कमजोर नहीं पड रहा है.

कैंटली ने लिखा है कि यह कोई गुप्त बात नहीं है कि आईएसआईएस बडे पैमाने पर अमेरिका पर हमला करने की योजना बना रहा है और उसने 12 महीने से भी कम समय में सबसे अधिक दुदांर्त इस्लामी मुहिम के उभरने के लिए सबसे दुर्दांत इस्लामी संगठन के रुप में अपनी जडें जमा ली है. आधुनिक विश्व में ऐसी मुहिम कभी नहीं देखी गई होगी.

उन्होंने लिखा कि शायद ऐसी स्थिति अकाल्पनिक हो लेकिन यह पश्चिमी खुफिया एजेंसियों को इस बात का डर है और यह निश्चित रुप से ही आज अधिक संभव है जबकि सालभर पहले ऐसा नहीं था. उन्होंने लिखा है कि यदि परमाणु नहीं तो हजारों टन अमोनियम नाइट्रेट विस्फोटकों का क्या. उससे बम बनाना काफी सरल है.

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