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असैन्य परमाणु करार और मुक्त व्यापार समझौता पर भारत और आस्ट्रेलिया में बनी सहमति

Updated at : 18 Nov 2014 10:07 AM (IST)
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असैन्य परमाणु करार और मुक्त व्यापार समझौता पर भारत और आस्ट्रेलिया में बनी सहमति

मेलबर्न : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के पांचवें दिन आज पीएम टोनी एबट से बात की और दोनों देशों के व्यापक भागीदारी पर जोर दिया.दोनों देशों ने असैन्य परमाणु करार व मुक्त व्यापार समझौते को लागू करने पर जोर दिया. इसके साथ ही दोनों देश के बीच पांच महत्वपूर्ण समझौते हुए. इसमें सामाजिक […]

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मेलबर्न : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के पांचवें दिन आज पीएम टोनी एबट से बात की और दोनों देशों के व्यापक भागीदारी पर जोर दिया.दोनों देशों ने असैन्य परमाणु करार व मुक्त व्यापार समझौते को लागू करने पर जोर दिया. इसके साथ ही दोनों देश के बीच पांच महत्वपूर्ण समझौते हुए. इसमें सामाजिक सुरक्षा, कैदियों की अदला बदली, मादक पदार्थो पर नियंत्रण, पर्यटन व कला संस्कृति को बढावा देना शामिल है.

कैनबेरा में बातचीत के बाद दोनों नेताओं ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन किया. इसमें नरेंद्र मोदी ने कहा कि दोनों देशों में भागीदारी की आपार संभावना है. कृषि और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दोनों देशों में बेहत्तर संभावना है. पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश न्यूक्लियर समझौते को जल्द से जल्द अंजाम तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अंतरिक्ष क्षेत्र और साइबर स्पेस संपर्क साधने एवं समृद्धि का माध्यम बनें, विवाद के नए क्षेत्र नहीं. उन्होंने कहा कि एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि दोनों देश समुद्री डकैती और सुरक्षा से जुडे अन्य मुद्दों से निपटने के लिए एकसाथ मिलकर काम करें.

उन्होंने कहा, ‘‘महासागर हमारी जीवन रेखाएं हैं. लेकिन हमें इसकी पहुंच और हमारे क्षेत्र की सुरक्षा की चिंता पहले से कहीं ज्यादा है.’’ मोदी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया क्षेत्र और विश्व के लिए ‘महत्वपूर्ण’ कई संस्थानों के सदस्य हैं और दोनों देशों को विभिन्न वैश्विक मंचों पर आपस में और अधिक नजदीकी समन्वय करना चाहिए.

उन्होंने कहा कि दोनों देशों को बीते दौर की एक तरह से उधार ली हुई स्थापत्यकला पर निर्भर रहने की जरुरत नहीं है. न ही दोनों के पास यह तय करने की सुविधा है कि ‘‘हमें किसके साथ काम करना है और किसके नहीं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हमें एकसाथ और दूसरे लोगों के साथ मिलकर काम करने की जरुरत है ताकि एक ऐसा माहौल और संस्कृति बनाई जा सके, जो सह-अस्तित्व एवं सहयोग के मूल्यों को प्रोत्साहित करती हो. जिसके तहत छोटे-बडे सभी देश अंतरराष्ट्रीय नियमों और कानूनों का पालन करने के लिए बाध्य हों, फिर चाहे उनके बीच कितने ही कटु विवाद क्यों न हों.’’

मोदी ने कहा, ‘‘भारत और ऑस्ट्रेलिया ऐसी कई संस्थाओं के सदस्य हैं, जो क्षेत्र और विश्व के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं. हमें ईस्ट एशिया समिट, जी20 और इंडियन ओशियन रीजन असोसिएशन में और अधिक करीबी समन्वय करना चाहिए.’’

वहीं ऑस्ट्रेलिया के पीएम टोनी एबट ने कहा कि यदि दोनों देशों के बीच सबकुछ ठीक रहा तो हम भारत को यूरेनियम देंगे साथ ही अगले साल के अंत तक मुक्त व्यापार समझौते पर कुछ ठोस निकलकर आने की संभावना है. एबट ने कहा कि भारत की ताकत को नकारा नहीं जा सकता है. भारत दुनिया में उभरता हुआ सुपरपावर है और लोकतंत्र के मामले में तो भारत पहले ही सुपरपावर बन चुका है.

मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे का आज पांचवां और आखिरी दिन है. उन्होंने आज ऑस्ट्रेलिया के संसद को भी संबोधित किया. नरेंद्र मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने ऐसा किया है. कैनबरा में ऑस्ट्रेलियाई संसद को संबोधित करने के बाद पीएम मेलबर्न पहुंचे गए हैं.

आज पीएम मोदी मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर आयोजित विशेष दावत में हिस्सा लेंगे. इस दावत में पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर और कपिल देव भी शामिल होंगे. यहां पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम टोनी एबट 2015 में होने वाले विश्वकप की ट्रॉफी के साथ फोटो भी खिंचवाएंगे.

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