संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षकों को अधिक बल प्रयोग करना चाहिए

संयुक्त राष्ट्र : संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षकों को हमले के दौरान नागरिकों की रक्षा के लिए जब भी जरुरत हो बल का प्रयोग करना चाहिए लेकिन वे अक्सर ऐसा करने में विफल होते हैं क्योंकि वे अदालत की कार्यवाही से डरते हैं. संयुक्त राष्ट्र के […]
संयुक्त राष्ट्र : संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षकों को हमले के दौरान नागरिकों की रक्षा के लिए जब भी जरुरत हो बल का प्रयोग करना चाहिए लेकिन वे अक्सर ऐसा करने में विफल होते हैं क्योंकि वे अदालत की कार्यवाही से डरते हैं.
संयुक्त राष्ट्र के इंटरनल ओवरसाइट सर्विस कार्यालय ने माना कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् द्वारा अधिकृत किये जाने के बावजूद तैनात बल कार्रवाई के प्रति अनिच्छुक होते हैं. माना गया है कि दक्षिण सूडान सहित तनावग्रस्त अन्य स्थानों पर शांति सैनिकों द्वारा बल प्रयोग कर्मियों या हथियार की कमी और कोर्ट-मार्शल किये जाने का डर या अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय में मुकदमा चलाये जाने जैसा वजहों के चलते कार्रवाई नहीं की जाती है.
रिपोर्ट में बताया गया है कि 2010 और 2013 के बीच संघर्ष की जिन घटनाओं में नागरिक शामिल थे,ऐसी 507 घटनाओं में से केवल 20 प्रतिशत मामलों में तत्काल कार्रवाई की गयी. इन मामलों में जहां पर कार्रवाई किये जाने की रिपोर्ट है, आमतौर पर वहां मिशन ने अंतिम उपाय के रुप में भी बल का प्रयोग नहीं किया. रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये संयुक्त राष्ट्र रक्षक प्रमुख हेर्वे लडसोउस ने कहा कि व्यापक राजनीतिक समाधान किये जाने पर अधिक ध्यान केन्द्रित किये जाने की जरुरत है.
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