बंगाल चुनाव 2021: सिउड़ी विधानसभा सीट पर तृणमूल को कांग्रेस और भाजपा से मिल रही कड़ी चुनौती
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 27 Apr 2021 8:00 PM
सिउड़ी विधानसभा सीट पर इस बार भी तृणमूल, भाजपा और माकपा प्रत्याशियों के बीच जबरदस्त लड़ाई होने की संभावना है. इस बार विकास राय चौधरी तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी हैं. वहीं, संयुक्त मोर्चा ने कांग्रेस के चंचल चटर्जी और भाजपा ने जगन्नाथ चट्टोपाध्याय को उतारा है.
सिउड़ी (मुकेश तिवारी) : बीरभूम जिला के सिउड़ी विधानसभा को महत्वपूर्ण सीट माना जा रहा है. बीरभूम जिले में 29 मई को आठवें और अंतिम चरण में मतदान होना है. इसके पूर्व, जिले में मतदाताओं को लुभाने के लिए सभी राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है.
सिउड़ी विधानसभा सीट पर इस बार भी तृणमूल, भाजपा और माकपा प्रत्याशियों के बीच जबरदस्त लड़ाई होने की संभावना है. इस बार विकास राय चौधरी तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी हैं. वहीं, संयुक्त मोर्चा ने कांग्रेस के चंचल चटर्जी और भाजपा ने जगन्नाथ चट्टोपाध्याय को उतारा है.
इनके अलावा, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की ओर से खुर्शीद आलम, एसयूसीआइ की ओर से निताई अंकुर तथा निर्दलीय उम्मीदवार धनंजय मजुमदार भी लड़ाई में खुद को शामिल बता रहे हैं. हालांकि, मुकाबला भाजपा और तृणमूल के बीच ही है.
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वर्ष 2016 के विधानसभा चुनाव में सिउड़ी सीट से तृणमूल कांग्रेस के अशोक कुमार चट्टोपाध्याय ने अपने प्रतिद्वंद्वी माकपा के पूर्व सांसद व प्रत्याशी डॉ रामचंद्र डोम को 31,808 वोट से पराजित किया था. भाजपा के उम्मीदवार व अभिनेता जय बनर्जी को महज 32,112 वोट मिले थे.
रामचंद्र डोम को 64,228 वोट मिले थे, जबकि अशोक चट्टोपाध्याय को 94,036 वोट मिले थे. चुनाव में तृणमूल के प्रत्याशी ने भाजपा और माकपा के दो हेवीवेट प्रत्याशियों को परास्त कर सिउड़ी सीट पर तृणमूल का झंडा फहराया था. राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक उक्त चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अणुब्रत मंडल का खासा प्रभाव देखने को मिला था.
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वर्ष 2011 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से तृणमूल कांग्रेस के स्वपन कांति घोष ने जीत दर्ज की थी. उस वर्ष राज्य में तृणमूल कांग्रेस के परिवर्तन की पुकार पर जनता ने मुहर लगायी थी. तब तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी स्वपन कांति घोष को 88,244 वोट मिले थे.
माकपा के अब्दुल गफ्फार को 69,127 वोट प्राप्त हुए थे. स्वपन कांति घोष ने माकपा प्रत्याशी को 19,117 वोट के अंतर से हराया था. वर्ष 1977 से 2016 तक का आंकड़े पर गौर करेंगे, तो पायेंगे कि इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस दो, माकपा चार और कांग्रेस ने तीन बार जीत दर्ज की है.
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इस बार के विधानसभा चुनाव में कांटे की टक्कर होने की संभावना है. इस बार यहां से तृणमूल कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी को बदलकर बीरभूम जिला के जुझारू नेता विकास राय चौधरी को चुनाव मैदान में उतारा है. जिले में अणुब्रत के बाद विकास की भी अपनी एक अलग पहचान है.
यहां से भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी भी पूरा जोर लगाये हुए हैं. माकपा का यहां वजूद है और कांग्रेस का उसे समर्थन प्राप्त है. इसलिए माकपा को भरोसा है कि मुख्य मुकाबला उसके और तृणमूल के बीच होगी और लड़ाई कांटे की होगी.
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भाजपा प्रत्याशी जगन्नाथ चट्टोपाध्याय मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने में लगे हुए हैं. यही कारण है कि इस बार इस सीट पर लड़ाई कांटे की होगी. मुख्य रूप से तृणमूल-कांग्रेस और भाजपा में यह लड़ाई आमने-सामने की होगी. बहरहाल, सबको 29 अप्रैल को वोटिंग का इंतजार है. फिर 2 मई को रिजल्ट का इंतजार रहेगा.
Posted By : Mithilesh Jha
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