‘रणजीत डिसाले’ कैसे बने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शिक्षक

रणजीत सिंह को बतौर पुरस्कार सात करोड़ रुपये की राशि मिली. रणजीत सिंह डिसलो को लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने और भारत में त्वरित प्रतिक्रिया कोवित पाठ्यपुस्तक क्रांति को गति देने के लिए इस पुरस्कार से नवाजा गया है.
महाराष्ट्र के इस प्राईमरी टीचर का नाम रणजीत सिंह डिसले है. रणजीत ने ये इसमें सात करोड़ रुपये की इनामी राशि जीती. इस सफलता पर ना केवल रणजीत के माता पिता बल्कि पूरा महाराष्ट्र गर्व महसूस कर रहा है. ये पहली बार है जब किसी भारतीय को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ टीचर होने का सम्मान हासिल हुआ है. अब ये भी जान लीजिए कि रणजीत सिंह डिसले को किस बात के लिए ये सम्मान मिला है.
रणजीत सिंह को बतौर पुरस्कार सात करोड़ रुपये की राशि मिली. रणजीत सिंह डिसलो को लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने और भारत में त्वरित प्रतिक्रिया कोवित पाठ्यपुस्तक क्रांति को गति देने के लिए इस पुरस्कार से नवाजा गया है.
Posted By- Suraj Thakur
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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