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पनामा मामला : पाक सुप्रीम कोर्ट से PM नवाज शरीफ को बड़ी राहत, नहीं जायेगी कुर्सी लेकिन JIT करेगी जांच

Updated at : 20 Apr 2017 4:07 PM (IST)
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पनामा मामला : पाक सुप्रीम कोर्ट से PM नवाज शरीफ को बड़ी राहत, नहीं जायेगी कुर्सी लेकिन JIT करेगी जांच

इस्लामाबाद : प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनके बच्चों के खिलाफ हाई प्रोफाइल पनामागेट मामले में गुरुवार को पाकिस्‍तान के सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शरीफ को प्रधानमंत्री पद से हटाने के लिए पनामागेट मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों में पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं. हालांकि सुप्रीम कोर्ट […]

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इस्लामाबाद : प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनके बच्चों के खिलाफ हाई प्रोफाइल पनामागेट मामले में गुरुवार को पाकिस्‍तान के सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शरीफ को प्रधानमंत्री पद से हटाने के लिए पनामागेट मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों में पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने पनामा मामले में शरीफ की संलिप्तता की जांच के लिए जेआईटी गठित करने का फैसला किया है.

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गुरुवार को हुई सुनवाई में अदालत ने शरीफ और उनके दो पुत्रों को जेआईटी के समक्ष पेश होने का आदेश दिया, जिसमें सैन्य खुफिया सहित विभिन्न एजेंसियों के अधिकारी शामिल होंगे. 540 पन्नों का फैसला सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ में 3-2 से विभाजित है, फैसले में दो असहमति वाली टिप्पणियां हैं. अटकलें लगायी जा रही थी कि आज की सुनवाई के बाद शरीफ को प्रधानमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ सकती है.

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को घोषणा की थी कि उसकी पांच सदस्यीय पीठ गुरुवार को पनामा मामले पर फैसला देगी. मामले की शुरुआत तीन नवंबर को हुई थी और न्यायालय ने 23 फरवरी को कार्यवाही पूरी करने से पहले 35 सुनवाई की थीं.

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यह मामला लंदन में शरीफ के परिवार की कथित अवैध संपत्तियों के बारे में पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ प्रमुख इमरान खान और अन्य की कई एक जैसी याचिकाओं पर आधारित है. ये संपत्तियां तब सामने आई थीं जब लीक दस्तावेजों के एक संग्रह पनामा पेपर्स में दिखाया गया कि उनका प्रबंधन शरीफ के परिवार के मालिकाना हक वाली विदेशी कंपनियां करती थीं.

याचिकाओं में न्यायालय से अपील की गयी है कि भ्रष्टाचार में लिप्त होने के कारण 67 वर्षीय शरीफ को अनुच्छेद 62 और 63 के तहत अयोग्य करार दिया जाए. विपक्षी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के वरिष्ठ नेता मंजूर वासन ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि उन्हें अयोग्य करार दिया जाएगा लेकिन उनके नैतिक अधिकार पर असर पड़ सकता है.’

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