चीन ने मैन्यूफैक्चरिंग को लेकर ''मेड इन चाइना 2025'' नाम से बनायी आक्रमक नीति

Updated at : 24 Dec 2016 3:35 PM (IST)
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चीन ने मैन्यूफैक्चरिंग को लेकर  ''मेड इन चाइना 2025'' नाम से बनायी आक्रमक नीति

बीजिंग : मैन्यूफैक्चरिंग की दुनिया में दशकों तक शीर्ष स्थान पर कायम रहने वाला देश चीन ने अगामी दस सालों के लिए विनिर्माण नीति की घोषणा की है. ‘मेड इन चाइना -2025’ नाम से तैयार नयी नीति में कई नये बिंदुओ पर जोर दिया गया है. चीन प्रीमियर ली क्वाकेंग ने कहा कि अब हमें […]

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बीजिंग : मैन्यूफैक्चरिंग की दुनिया में दशकों तक शीर्ष स्थान पर कायम रहने वाला देश चीन ने अगामी दस सालों के लिए विनिर्माण नीति की घोषणा की है. ‘मेड इन चाइना -2025’ नाम से तैयार नयी नीति में कई नये बिंदुओ पर जोर दिया गया है. चीन प्रीमियर ली क्वाकेंग ने कहा कि अब हमें मैन्यूफैक्चरिंग को लेकर नयी नीति अपनाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि चीन का दबदबा पहले से ही विनिर्माण क्षेत्र में है लेकिन वक्त के साथ बदलाव होना चाहिए.
ली क्वाकेंगा ने कहा कि चीन प्रशासनिकएप्रुवल में तेजी लाने की कोशिश करेगा. सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ाया जायेगा और टैक्स व आर्थिक सुधार लाये जायेंगे. ‘मेड इन चाइना 2025’ प्लान को इंटरनेट के साथ जोड़ा जायेगा. ली ने कहा कि देश भर में उद्यमिता व इनोवेशन को प्रोमोट करने के लिए पारंपरिक और नये सेक्टर के बीच संपर्क स्थापित किया जायेगा.मैन्यूफैक्चरिंग को लेकर आयोजित बैठक में इस बात का निर्णय लिया गया है कि चीन का ज्यादा जोर ग्रीन मैन्यूफैक्चरिंग को लेकर होगा. वाइस प्रीमियर मा ने बताया कि चीन मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर को अपग्रेड करेगा.

ज्ञात हो कि चीन ने 1980 में मैन्यूफैक्चरिंग के क्षेत्र में दस्तक दी थी और 2011 आते-आते अमेरिका को विनिर्माण में पिछड़ा दिया. मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में आयी जबर्दस्त तेजी का फायदा चीन की अर्थव्यवस्था को मिला. मात्र एक दशक के अंदर चीन की प्रति व्यक्ति आय दोगुना हो गयी. हालांकि चीन को विनिर्माण क्षेत्र में कई चुनौतियाों का सामना करना पड़ रहा है. चीन के आर्थिक वृद्धि में गिरावट दर्ज की गयी है वहीं प्रोडक्शन कोस्ट भी काफी बढ़ चुका है. चीन में श्रमिकों के भत्ते में वृद्धि से मैन्यूफैक्चरिंग का बेस दूसरे देशों में शिफ्ट हो सकता है.

फिलहाल भारत इस अवसर को लपक सकता है लेकिन आंकड़े बताते हैं कि अधारभूत संरचनाओं की कमी की वजह सेवियतनाम इस अवसर को भुना रहा है. मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म मैकेंजी के मुताबिक चीन में सस्ता श्रमिक, पोर्ट व सड़क में उच्च निवेश, रेलइन्फ्रास्ट्रक्चर, सॉलिडइंजीनियरिंगव टेक्निकल स्किल की वजह से चीन ने पिछले दो दशक से मैन्यूफैक्चरिंग में अपनी बादशाहत कायम रखी, लेकिन अब विनिर्माण के लिए होने वाले लागत मूल्य में वृद्धि हुई है.
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