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लखवी ने न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के फैसले को अदालत में दी चुनौती

Updated at : 01 Jan 2015 12:22 PM (IST)
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लखवी ने न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के फैसले को अदालत में दी चुनौती

इस्लामाबाद : मुंबई में 2008 में हुए आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता जकीउर रहमान लखवी को गुरुवा को रावलपिंडी की एक जेल में वापस भेज दिया गया. यहां की एक अदालत ने एक अफगान नागरिक के अपहरण के मामले में उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. लखवी (54) को दो दिन के […]

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इस्लामाबाद : मुंबई में 2008 में हुए आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता जकीउर रहमान लखवी को गुरुवा को रावलपिंडी की एक जेल में वापस भेज दिया गया. यहां की एक अदालत ने एक अफगान नागरिक के अपहरण के मामले में उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. लखवी (54) को दो दिन के रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद यहां एक न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया.

उधर लखवी ने खुद को अपहरण के मामले में पुलिस हिरासत में रखने के फैसले को पाकिस्तान की एक अदालत में चुनौती दी है. लखवी के वकील राजा रिजवान अब्बासी ने बताया कि लखवी ने खुद को फर्जी मामले में फंसाए जाने और मनगढ़ंत प्राथमिकी के खिलाफ जिला एवं सत्र अदालत में आवेदन दायर किया है. वकील ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने यह सब भारत के दबाव में किया है

मजिस्ट्रेट ने संदिग्ध से पूछताछ के लिए पांच और दिन का रिमांड दिए जाने संबंधी पुलिस के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया और उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. अदालत ने उसे वापस अदियाला जेल भेज दिया, जहां वह मुंबई आतंकी हमला मामले के सिलसिले में पिछले पांच साल से बंद था. उसे 15 जनवरी को फिर से अदालत में पेश किया जाएगा.

इस्लामाबाद उच्च न्यायालय द्वारा उसकी हिरासत पर रोक लगाए जाने के बाद कल लखवी को रिहा किए जाने के ठीक पहले उसे अफगान नागरिक मुहम्मद अनवर खान के अपहरण के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था.इस्लामाबाद के एक पुलिस स्टेशन में सोमवार को दर्ज प्राथमिकी के अनुसार लखवी ने छह साल पहले खान का अपहरण किया था.

पुलिस ने उसे एक न्यायिक मजिस्ट्रेट से दो दिन की हिरासत में लिया था जिसकी अवधि आज समाप्त हो रही थी .लखवी को मुंबई आतंकी मामले में 18 दिसंबर को जमानत मिली थी. लेकिन उसे लोक व्यवस्था बनाए रखने संबंधी कानून (एमपीओ) के तहत हिरासत में ले लिया गया था. उसने एमपीओ के तहत अपनी हिरासत को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी, जिसने सोमवार को सरकार के आदेश को स्थगित कर दिया. भारत ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी.लखवी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के अनुसार खान करीब छह साल पहले इस्लामाबाद के थल्लान सैयदन उपनगरीय क्षेत्र से लापता हो गया था. खान के एक रिश्तेदार मुहम्मद दाउद ने लखवी पर अपहरण का आरोप लगाया था.

प्राथमिकी के अनुसार लखवी ने खान को जिहाद के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया था, लेकिन उसने इंकार कर दिया था. एक दिन लखवी अपने सहयोगियों के साथ खान के घर आया और उसे अपने साथ ले गया.दाउद ने कहा कि उसने 2009 में लखवी को गिरफ्तार किए जाने के बाद कई बार उससे संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली

उन्होंने कहा, ‘‘ टेलीविजन खबरों से यह जानने के बाद लखवी रिहा होने वाला है और यह सोचकर कि वह भूमिगत हो सकता है, मैंने इस्लामाबाद पुलिस से खान के अपहरण के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया.’’लखवी और छह अन्य आरोपियों अब्दुल वाजिद, मजहर इकबाल, हमाद अमीन सादिक, शाहिद जमील रियाज, जमील अहमद और यूनुस अंजुम पर मुंबई आतंकी हमले की साजिश रचने तथा उसे अंजाम देने का आरोप है. 28 नवंबर 2008 को हुए इस आतंकी हमले में 166 लोगों की मौत हो गयी थी.

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