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ओबामा और केरी ने नोबेल के लिए सत्यार्थी-मलाला को दी बधाई

11 Oct, 2014 11:14 am
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ओबामा और केरी  ने नोबेल के लिए सत्यार्थी-मलाला को दी बधाई

वाशिंगटन: भारत कैलाश सत्यार्थी और पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए चुने जाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने बधाई दी है. ओबामा ने बधाई देते हुए कहा है कि यह पुरस्कार उन सभी लोगों की जीत है जो मानव की गरिमा को बनाए रखने […]

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वाशिंगटन: भारत कैलाश सत्यार्थी और पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए चुने जाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने बधाई दी है.

ओबामा ने बधाई देते हुए कहा है कि यह पुरस्कार उन सभी लोगों की जीत है जो मानव की गरिमा को बनाए रखने के लिए काम करते हैं. तो वही जॉन केरी ने कहा कि सत्यार्थी और यूसुफजई के प्रयासों से दुनिया के लाखों युवाओं लाभ मिला है.
ओबामा कहा इस पुरस्कार की घोषणा को उन सभी लोगों की जीत बताया जो प्रत्येक इंसान की गरिमा को बनाऐ रखने के लिए काम कर रहे हैं. 2009 में नोबेल पुरस्कार पाने करने वाले ओबामा ने कहा कि मलाला और कैलाश के काम काज को मान्यता देना हमें हमारे सभी बच्चों के अधिकारों और स्वतंत्रता की हिफाजत के लिए काम करने की तात्कालिकता की याद दिलाता है.
साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि अपने पिछडे़पन एवं लैंगिक असमानता के बावजूद बच्चों का ईश्वर से मिली क्षमताओं का लाभ उठाने का पूरा मौका मिले.
ओबामा ने कहा कि 17 साल की ही उम्र में मलाला यूसुफजई हर कहीं लड़कियों के लिए शिक्षा सुनिश्चित करने के अपने जुनून और जज्बे तथा प्रतिबद्धता से लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हैं.
ओबामा ने कहा कि मलाला ने तालिबान की निर्ममता जवाब मजबूती से दिया है और सत्यार्थी अपना पूरा जीवन बाल श्रम को खत्म करने और गुलामी को खत्म करने के लिए
अपना पूरा जीवन लगा दिया.
साथ ही कहा कि कैलाश की कोशिशों का पैमाना सिर्फ पुरस्कार मिलना नहीं है. बल्कि उनके लिए पुरस्कार वह होगा जिन लोगों को उन्होंने मुक्त कराया है वे लोग सत्यार्थी की शुक्रिया अदा करें.
वहीं जॉन केरी ने दोनों को बधाई देते हुए कहा कि मलाला एक वैश्विक नेता बन चुकी है और लड़कियों को शिक्षा देने के पक्ष में अपनी आवाज के जरिए लाखों लोगों को प्रेरित कर रही है, जबकि कैलाश और उनके संगठन के बचपन बचाओ आंदोलन ने भारत में आधुनिक दासता को उखाड़ फेंकने के लिए काम किया है.
केरी ने कहा कि बाल अधिकारों को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों से दुनियाभर में लाखों युवाओं को लाभ मिला है.
उन्होंने कहा कि कैलाश और उनके संगठन, बचपन बचाओ आंदोलन, ने भारत में आधुनिक दासता को उखाड़ फेंकने के लिए काम किया है. उन्होंने बाल मजदूरों को मुक्त कराया है और तस्करी के अपराध के प्रति लोगों में जागरुकता बढ़ाने का काम किया है.
केरी ने यह भी बताया कि कैलाश लंबे समय से अमेरिकी विदेश विभाग के सहयोगी रहे हैं, जिसने 2007 में उन्हें ट्रैफिकिंग इन पर्सन्स रिपोर्ट हीरो के रुप में नामित किया था.
उन्होंने कहा किवैश्विक नेता बन चुकी है मलाला ने लड़कियों की शिक्षा के लिए आवाज उठाकर लाखों लोगों को प्रेरित किया है. दो साल पहले किया गया तालिबानी हमला भी उसकी आवाज को दबाने में सफल नहीं रहा.
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