लीबिया तट के पास शरणार्थी जहाज़ डूबा, 150 के डूबने की आशंका

Updated at : 25 Jul 2019 10:44 PM (IST)
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लीबिया तट के पास शरणार्थी जहाज़ डूबा, 150 के डूबने की आशंका

<figure> <img alt="लीबिया तट के पास नाव डूबी, 150 शरणार्थियों के डूबने की आशंका" src="https://c.files.bbci.co.uk/14247/production/_108030528_2f7046eb-3951-44ad-95ae-a82d17da3e23.jpg" height="549" width="976" /> <footer>AFP</footer> </figure><p>लीबिया के तट के नज़दीक शरणार्थियों का एक जहाज़ डूब गया है. संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) के मुताबिक़ इसमें सवार क़रीब 150 लोगों के मारे जाने आशंका है. </p><p>जहाज़ पर मौजूद दूसरे 150 लोगों को […]

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<figure> <img alt="लीबिया तट के पास नाव डूबी, 150 शरणार्थियों के डूबने की आशंका" src="https://c.files.bbci.co.uk/14247/production/_108030528_2f7046eb-3951-44ad-95ae-a82d17da3e23.jpg" height="549" width="976" /> <footer>AFP</footer> </figure><p>लीबिया के तट के नज़दीक शरणार्थियों का एक जहाज़ डूब गया है. संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) के मुताबिक़ इसमें सवार क़रीब 150 लोगों के मारे जाने आशंका है. </p><p>जहाज़ पर मौजूद दूसरे 150 लोगों को स्थानीय मछुआरों ने बचा लिया है. यूएनएचआरसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि लीबिया के कोस्टगार्ड इन लोगों को किनारे तक लेकर आए. </p><p>ये जहाज़ लीबिया की राजधानी त्रिपोली से क़रीब 120 किलोमीटर दूर एक शहर से निकला था. हालांकि अभी ये साफ़ नहीं है कि ये शरणार्थी एक नाव पर सवार थे या दो नाव पर.</p><p>संयुक्त राष्ट्र बार-बार कहता रहा है कि जिन लोगों को भूमध्यसागर से बचाया जाता है, उन्हें वापस लीबिया नहीं भेजा जाना चाहिए. इसका कारण वहां जारी संघर्ष और शरणार्थियों के साथ होने वाला अमानवीय व्यवहार बताया जाता है. </p><p>मई में ट्यूनीशिया के तट के नज़दीक नाव डूबने की घटना में कम से कम 65 लोग मारे गए थे. जबकि 16 बचाए गए लोगों को ट्यूनीशिया की नौसेना तट तक ले आई थी. </p><p>हज़ारो शरणार्थी हर साल भूमध्यसागर पार करने की कोशिश करते हैं. और इनमें से बहुत से शरणार्थी लीबिया के होते हैं. </p><p>ये शरणार्थी अक्सर जर्जर और ज़रूरत से ज़्यादा भरी हुई नावों में यात्रा करते हैं, जिसकी वजह से कई मारे जाते हैं. </p><p>लेकिन 2017 के मध्य से शरणार्थियों की यात्राएं नाटकीय रूप से कम हुई हैं. </p><p>इस कमी की एक वजह इटली है, जो लीबिया की सेना के साथ मिलकर शरणार्थियों को रोकने का काम कर रही है. अगर उन्हें समुद्र में शरणार्थी मिल जाते हैं तो वो उन्हें वापस भेज देते हैं. </p><p>मानवाधिकार संस्थाएं इस नीति की आलोचना करती रही हैं. </p><p>2019 के पहले तीन महीनों में क़रीब 15 हज़ार 900 प्रवासी और शरणार्थी तीन भूमध्यसागर रूट से यूरोप आए. 2018 के मुक़ाबले इनमें 17% की कमी आई है. </p><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम </a><strong>और </strong><a href="https://www.youtube.com/user/bbchindi">यूट्यूब</a><strong>पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</strong></p>

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