विमान में किस जगह छुप कर यात्रा करते हैं लोग?

Updated at : 05 Jul 2019 7:32 PM (IST)
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विमान में किस जगह छुप कर यात्रा करते हैं लोग?

<figure> <img alt="हवाई जहाज" src="https://c.files.bbci.co.uk/B41A/production/_107660164_80fba041-fe4e-4901-b9bd-8864c10c6b84.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p> बीते रविवार की दोपहर एक व्यक्ति अचानक आसमान से लंदन के रिहायशी इलाके के एक बगीचे में गिरा. </p><p>जब वो गिरा तो उसकी मौत हो चुकी थी लेकिन आश्चर्यजनक रूप से उसके शव को कोई ख़ास नुकसान नहीं पहुंचा था. </p><p>एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया […]

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<figure> <img alt="हवाई जहाज" src="https://c.files.bbci.co.uk/B41A/production/_107660164_80fba041-fe4e-4901-b9bd-8864c10c6b84.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p> बीते रविवार की दोपहर एक व्यक्ति अचानक आसमान से लंदन के रिहायशी इलाके के एक बगीचे में गिरा. </p><p>जब वो गिरा तो उसकी मौत हो चुकी थी लेकिन आश्चर्यजनक रूप से उसके शव को कोई ख़ास नुकसान नहीं पहुंचा था. </p><p>एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि ‘वो कठोर बर्फ़ की तरह’ हो गया था. </p><p>पुलिस के मुताबिक, माना जा रहा है कि वो शख़्स नैरोबी से हीथ्रो एयरपोर्ट आ रहे केन्या एयरवेज़ के विमान में लैंडिंग वाली जगह पर छिपकर बेटिकट सफ़र कर रहा था. </p><p>विमान में लैंडिंग गियर का मतलब है पहियों और पार्ट्स के सेट की वो जगह जो लैंड करते वक़्त खुलती है.</p><p>हालांकि ज़मीनी और समंदर के रास्ते बड़ी संख्या में लोग यूरोप जाने की कोशिश करते हैं लेकिन लैंडिंग गियर में छिपकर यात्रा करने का मामला बहुत कम ही सामने आता है.</p><p>उड्डयन मामले की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार डेविड लीवरमाउंट का कहना है, &quot;इस तरह की यात्रा में ज़िंदा बच पाना बहुत मुश्किल है.&quot;</p> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/international-48850836?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">लैंडिंग से पहले विमान से गिरकर एक व्यक्ति की मौत</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/international-48407001?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">एवरेस्ट पर क्यों लगा है ‘ट्रैफ़िक जाम'</a></li> </ul><figure> <img alt="बीबीसी रॉब वॉकर" src="https://c.files.bbci.co.uk/3EEA/production/_107660161_awalkerwheelarch.jpg" height="546" width="975" /> <footer>BBC</footer> <figcaption>बीबीसी के राब वॉकर ने विमान के उस हिस्से में जाकर ये समझने की कोशिश की कि कैसे लोग इस जगह छिपकर यात्रा करते हैं.</figcaption> </figure><h1>ऐसी उड़ानों में क्या होता है?</h1><p>लीवरमाउंट ने बीबीसी को बताया, &quot;लैंडिंग गियर की जगह छिपकर बिना टिकट यात्रा करने का सबसे बड़ा ख़तरा ये है कि टेक ऑफ़ के बाद जब पहिए अंदर आते हैं तो कुचल जाने का ख़तरा होता है.&quot;</p><p>उनके अनुसार, इस जगह जल कर मौत होने का बड़ा ख़तरा होता है क्योंकि गर्मियों के दिनों में पहिए के ब्रेक का तापमान सबसे अधिक हो जाता है. </p><p>अगर आप इससे भी बच गए तो आपको हाईपोथर्मिया यानी कम तापमान और ऑक्सीजन की भारी कमी का सामना करना पड़ता है. </p><p>लीवरमाउंट के अनुसार, ये जगह केबिन की तरह वातानुकूलित नहीं होती है, इसलिए यहां का तापमान बिल्कुल अलग होता है.</p><p>लंबी दूरी यात्राओं में हवाई जहाज बहुत ऊंचाई पर उड़ते हैं और ऐसी स्थिति में लैंडिंग गियर का तापमान -50 से -60 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है. </p><p>जम जाने वाली ठंडी के अलावा इतनी ऊंचाई पर ऑक्सीजन कम होती है और हवा का दबाव भी कम होता है. ऐसे हालात में फेफड़े को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है और लगभग शून्य ऑक्सीजन उपलब्धता में सांस लेने में दिक्कत होती है.</p><p>इस तरह की उड़ानों के दौरान लैंडिंग गियर में यात्रा कर रहे जो बेटिकट यात्री किसी तरह बच जाते हैं, उन्हें लैंडिंग के दौरान काफ़ी सतर्क रहना पड़ता है. </p><p>जब विमान लैंडिंग की तैयारी कर रहा होता है तो पहिए वाली जगह खुल जाती है. इस दौरान यात्री को बहुत अधिक सतर्क होने की ज़रूरत पड़ती है. </p><p>लीवरमाउंट के अनुसार, &quot;अधिकांश यात्री इसी दौरान गिर पड़ते हैं क्योंकि वो ख़तरनाक़ स्थिति में होते हैं या इसलिए भी ऐसा होता है कि उस वक़्त तक वो मर चुके होते हैं या बेहोश हो गए होते हैं, इसलिए उनकी पकड़ ढीली पड़ जाती है.&quot;</p><figure> <img alt="विमान" src="https://c.files.bbci.co.uk/5A8D/production/_107718132_11997357-187b-4207-97f1-4364cb90749b.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> <figcaption>इतनी ऊंचाई पर तापमान माइनस 50 से 60 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है.</figcaption> </figure><h1>कितने लोग बच पाते हैं?</h1><p>उड्डयन मामलों के विशेषज्ञ एलेस्टेयर रोसेनशीन के अनुसार, &quot;इन हालात में बचने की संभावना बिल्कुल भी नहीं होती या लगभग शून्य होती है.&quot;</p><p>अमरीकी संघीय उड्डयन प्राधिकरण ने 1947 से दो जुलाई 2019 के बीच घटित ऐसे मामलों का एक आंकड़ा इकट्ठा किया है. </p><p>इस दरम्यान प्राधिकरण ने 112 उड़ानों से जुड़े 126 मामले दर्ज किए. </p><p>इस पड़ताल में पता चला कि ऐसे 126 बेटिक हवाई यात्रियों में 98 की मौत हो गई जबकि 28 किसी तरह बच पाए हालांकि पहुंचने के साथ ही गिरफ़्तार कर लिए गए.</p><p>अधिकांश मौतें लैंडिंग या टेक ऑफ़ के दौरान गिरने से हुईं या यात्रा के दौरान हुईं. कुछ मामलों में पहिए के सिकुड़ने के दौरान कुचलकर मौत हो गई.</p><p>प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार, &quot;ऐसे मामले 40 अलग अलग देशों में हुए, जिनमें सबसे अधिक क्यूबा (9), उसके बाद चीन (7), डोमिनिकन रिपब्लिक (8), दक्षिण अफ़्रीका (6) और नाइजीरिया (6) से संबंधित हैं.&quot;</p><figure> <img alt="लंदन" src="https://c.files.bbci.co.uk/DB2A/production/_107660165_055034873.jpg" height="351" width="624" /> <footer>SWNS</footer> <figcaption>सबसे ताज़ा मामला लंदन के रिहाईशी इलाके का है जहां छिपकर हवाई यात्रा करने वाले एक शख़्स का शव बगीचे में गिरा.</figcaption> </figure><h1>आसमान से गिर कर मौत</h1><p>ये पहला मामला नहीं है जब हीथ्रो हवाई अड्डे के पास छिपकर हवाई यात्रा करने वाले किसी शख़्स का शव आसमान से गिरा हो. </p><p>जून 2015 में पश्चिमी लंदन के व्यावसायिक इलाके में एक छत पर एक शख़्स का शव मिला. बाद में पता चला कि वो 427 मीटर की उंचाई से गिरा था. उसका सहयात्री बहुत गंभीर अवस्था में पाया गया. ये दोनों ब्रिटिश एयरवेज़ से जोहांसबर्ग से छिपकर यात्रा कर रहे थे. </p><p>इसके तीन साल पहले सितम्बर 2012 में मोज़ांबिक के एक शख़्स का शव लंदन की एक सड़क पर पाया गया. </p><p>अंगोला से हीथ्रो आने वाली एक उड़ान से वो गिरा था. </p><p>उसी साल एक और व्यक्ति की हीथ्रो के पास गिर कर मौत हो गई जो केपटाउन से आने वाले विमान में छिपकर यात्रा कर रहा था. </p><figure> <img alt="विमान" src="https://c.files.bbci.co.uk/337D/production/_107718131_agettyimages-1132943643.jpg" height="650" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><h1>ऐसी यात्रा में कितने ज़िंदा बचे?</h1><p>हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की यात्राओं में मौत लगभग निश्चित है, लेकिन इसके कुछ अपवाद भी हैं. </p><p>लेकिन बचने वालों को घातक जख़्म होने, चोटिल हाथ-पैर के काटने तक की नौबत आ जाती है. </p><p>छोटी दूरी की उड़ानों या कम उंचाई की उड़ानों में बच जाने की संभावना अधिक होती है. </p><p>साल 2010 में 20 साल का एक रोमानियाई व्यक्ति किसी तरह वियना से उड़ान भरने वाले प्राइवेट जेट में हीथ्रो एयरपोर्ट पहुंचने में सफल रहा. </p><p>साल 2015 में जोहांसबर्ग से लंदन हीथ्रो तक 12,875 किलोमीटर तक की यात्रा करने वाला एक शख़्स लैंडिंग गियर में बेहोश पाया गया था. </p><p>जो बच गए</p><p><strong>1969 – </strong>22 साल के अर्मांडो सोकारास रमीरेज़ किसी तरह क्यूबा के हवाना से मैड्रिड के उड़ान में सुरक्षित बच गए.</p><p><strong>1996 -</strong> 23 साल के प्रदीप सैनी दिल्ली से लंदन की 10 घंटे की उड़ान में बच गए लेकिन उनके भाई विजय की हीथ्रो एयरपोर्ट के पास गिरने से मौत हो गई. </p><p><strong>2000 -</strong> तहिती से लॉस एंजेल्स की बोइंग 747 की 4000 मील की उड़ान में फ़िदेल मारुही बच गए. </p><p><strong>2002 -</strong> क्यूबा से कनाडा के मोंट्रियल तक की चार घंटे की उड़ान में 22 साल से विक्टर अलवारेज़ मोलिना ज़िंदा बचे. </p><p><strong>2014-</strong> कैलिफ़ोर्निया के सैन जोशे से हवाई के माउई तक बोईंग 767 के लैंडिंग गियर में यात्रा करने वाले 15 साल के याहया आब्दी बच गए थे. </p><figure> <img alt="विमान" src="https://c.files.bbci.co.uk/A8AD/production/_107718134_4a.gettyimages-951922466-1.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><h1>इस तरह की यात्रा कौन करता है?</h1><p>लीयरमाउंट कहते हैं, &quot;टेक ऑफ़ के पहले पूरे विमान की जांच की जाती है. आम तौर पर ये जांच ग्राउंड स्टाफ़, क्रू मेंबर या कभी कभी दोनों की ओर से की जाती है.&quot;</p><p>इसलिए ऐसे मामलों में बिल्कुल अंतिम समय में ही कोई यहां छिपकर बैठ सकता है. </p><p>लीयरमाउंट के अनुसार, सबसे ज्यादा संभावना होती है उन लोगों की जिनकी ऐसे संवेदनशील पलों में विमान तक पहुंच होती है जैसे अकुशल ग्राउंड स्टाफ़ या वो जिनकी पहुंच क्लियरेंस स्टाफ़ तक होती है. </p><p>लेकिन लीयरमाउंट का कहना है कि ये लोग नहीं जानते कि ये कितना ख़तरनाक होता है, मौत लगभग निश्चित है. </p><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, 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