बिहार में लोकसभा चुनाव: लोकतंत्र में बढ़ा विश्वास तो उखड़ गये नक्सलियों के पांव

कंचन गया : राज्य में नक्सलियों का गढ़ माना जाने वाला क्षेत्र मगध यानी दक्षिण बिहार, जहां के अधिकतर हिस्सों में पहले चरण का मतदान 11 अप्रैल को संपन्न हो गया. संपन्न ऐसा हुआ, जैसे लगा मतदान हुआ ही न हुआ हो. राज्य में लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में नक्सली खौफ पर […]
कंचन
चार महीने से जंगल, पहाड़ की खाक छान रहे थे अर्द्धसैनिक बलों के जवान : तीन सालों में बिहार-झारखंड की सीमा पर स्थित गया जिले व औरंगाबाद के सीमा क्षेत्र डुमरिया, इमामगंज, बांकेबाजार, बाराचट्टी आमस व मदनपुर, देव इलाके में सीआरपीएफ के सेवरा, छकरबंधा, लुटुआ, कोठी-सलैया, इमामगंज, डुमरिया, बाराचट्टी, मदनपुर में कैंप स्थापित किये गये. छकरबंधा व बाराचट्टी में कोबरा बटालियन के कैंप स्थापित हैं. पिछले चार महीने से अद्धसैनिक बलों के जवानों ने जंगल, पहाड़ का कोना-कोना छान मारा. इस इलाके के नेतृत्व करने वाले तीन नक्सली कमांडर संदीप, अरविंद भुइयां व भोक्ता ऑपरेशन के बाद क्षेत्र छोड़ अपनी कंपनी के साथ भाग खड़े हुए. गांवों में इनके द्वारा बनाये गये स्लीपर सेल के कार्यकर्ता छिटपुट रूप से अपनी उपस्थिति बनाये रखने के लिए बनावटी बम, पोस्टर, पर्चा बीच-बीच में छोड़ते रहे. पर, जनता जिन्हें लोकतंत्र में विश्वास जाग गया है. उनके झांसे में नहीं आ रहे हैं. ना ही उन्हें सेल्टर दे रहे हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










