ePaper

सिरिसेना ने श्रीलंका में संसद का निलंबन हटाया, सोमवार को होगी बैठक

Updated at : 01 Nov 2018 7:11 PM (IST)
विज्ञापन
सिरिसेना ने श्रीलंका में संसद का निलंबन हटाया, सोमवार को होगी बैठक

कोलंबो : श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने संसद का निलंबन हटा लिया है और देश में चल रहे मौजूदा राजनीतिक गतिरोध को समाप्त करने के लिए सोमवार को संसद की बैठक बुलायी है. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. बर्खास्त चल रहे प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने इसका स्वागत करते हुए कहा कि इस […]

विज्ञापन

कोलंबो : श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने संसद का निलंबन हटा लिया है और देश में चल रहे मौजूदा राजनीतिक गतिरोध को समाप्त करने के लिए सोमवार को संसद की बैठक बुलायी है. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. बर्खास्त चल रहे प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने इसका स्वागत करते हुए कहा कि इस कदम से देश में लोकतंत्र की बहाली होगी.

गौरतलब है कि विक्रमसिंघे को प्रधानमंत्री पद से अचानक हटाये जाने के बाद देश में राजनीतिक भूचाल आ गया था. राष्ट्रपति सिरिसेना ने गत शुक्रवार को नाटकीय घटनाक्रम में विक्रमसिंघे को प्रधानमंत्री पद से हटाकर उनकी जगह पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को नया प्रधानमंत्री नियुक्त करके 16 नवंबर तक संसद को निलंबित कर दिया था. विशेषज्ञों का मानना है कि इसका मकसद सांसदों को विक्रमसिंघे के पाले से राजपक्षे के समर्थन में लाने के लिए समय हासिल करना था, ताकि वह 225 सदस्यीय संसद में बहुमत के लिए 113 का आंकड़ा जुटा सकें. राजनीतिक संकट से पूर्व राजपक्षे और सिरिसेना के दल को मिलाकर कुल 95 सीटें, जबकि विक्रमसिंघे के पास 106 सीटें थीं. विक्रमसिंघे के दल यूनाईटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) के पांच सांसद अब राजपक्षे के पाले में चले जाने से अब उनका संख्या बल घटकर 101 पर आ गया है. एक अन्य यूएनपी सांसद ने उनका समर्थन करने की बात कही है.

राजपक्षे के कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति पांच नवंबर को संसद बुलाने पर सहमत हो गये हैं. सिरिसेना और संसद के स्पीकर कारू जयसूर्या के बीच बुधवार को इस मुद्दे पर चर्चा हुई. सिरिसेना ने बाद में संकेत दिया कि वह अगले सप्ताह संसद का सत्र बुला सकते हैं. यह जानकारी सामने आने के बाद विक्रमसिंघे ने दावा किया कि उनका संसद में विश्वास है और वे इसमें अपना बहुमत साबित कर देंगे. उन्होंने राष्ट्रपति के संसद को बुलाने के कदम की सराहना करते हुए कहा कि इससे देश में लोकतंत्र की बहाली होगी. उन्होंने एक ट्वीट में कहा, लोगों की आवाज सुनी गयी, संसद को पांच नवंबर को बुलाया गया है, लोकतंत्र की वापसी होगी. जयसूर्या के कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि संसद में प्रधानमंत्री की सीट राजपक्षे के लिए आरक्षित रहेगी क्योंकि गजट में उनका उल्लेख बतौर प्रधानमंत्री के रूप में है. संसद में तमिल नेशनल अलायंस के 16 और पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट के छह सांसद हैं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola