Kedarnath Dham: श्रद्धालुओं के लिए खुले केदारनाथ धाम के कपाट, दर्शन के लिए उमड़ी भीड़

मौसम खराब रहने की आशंका के मद्देनजर श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है. मौसम विभाग द्वारा 29 अप्रैल तक बर्फबारी और बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किए जाने की वजह से राज्य सरकार ने रविवार को केदारनाथ के लिए श्रद्धालुओं का पंजीकरण 30 तारीख तक के लिए बंद कर दिया.
Kedarnath Dham open to pilgrims : द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक उत्तराखंड स्थित केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुल गये हैं. मंदिर को 20 क्विंटल फूलों से सजाया गया है. केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के दौरान हजारों की संख्या में तीर्थयात्री मौजूद रहे.
29 अप्रैल तक बर्फबारी का आशंका
मौसम खराब रहने की आशंका के मद्देनजर श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है. मौसम विभाग द्वारा 29 अप्रैल तक बर्फबारी और बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किए जाने की वजह से राज्य सरकार ने रविवार को केदारनाथ के लिए श्रद्धालुओं का पंजीकरण 30 तारीख तक के लिए बंद कर दिया. जबकि ऋषिकेश, गौरीकुंड, गुप्तकाशी और सोनप्रयाग सहित कई जगहों पर यात्रियों को फिलहाल वहीं ठहरने को कहा जा रहा है.
गुप्तकाशी पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
मंदिर के कपाट खुलने की पूर्वसंध्या पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी सोमवार शाम को गुप्तकाशी पहुंचे और यात्रा व्यवस्थाओं की जानकारी ली. धामी ने कहा कि प्रदेश में चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गयी हैं. उन्होंने उम्मीद जाहिर करते हुए कहा कि देवों की कृपा से इस बार यात्रा में गत वर्ष की अपेक्षा कहीं अधिक श्रद्धालु आएंगे और चारधामों के दर्शन कर पुण्य के भागी बनेंगे.
बदरीनाथ-केदारनाथ समिति की भूमि पर 188 अवैध रूप से काबिज व्यक्तियों को नोटिस
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने उत्तराखंड तथा उसके बाहर अपनी जमीन पर अवैध रूप से काबिज 188 लोगों को नोटिस जारी किए तथा उन्हें खाली न करने की स्थिति में कानूनी कार्यवाही की चेतावनी दी. उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र के अलावा मंदिर समिति की उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में भी संपत्तियां हैं. ये संपत्तियां श्रद्धालुओं द्वारा बदरीनाथ और केदारनाथ को चढ़ावे के रूप में दान दी गयी हैं.
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By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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