Dragon Fruit Farming: बंजर जमीन पर शुरू की ड्रैगन फ्रूट की खेती, लाखों में कमा रहा है यह इंजीनियर

Published by : Pritish Sahay Updated At : 12 Sep 2022 8:12 PM

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Dragon Fruit Farming: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में कंप्यूटर साइंस से स्नातक पास एक छात्र ने बंजर भूमि पर ड्रैगन फ्रूट सफल खेती की है. उनके प्रयास से अब कई और किसान भी इस खेती की ओर अग्रसर हो रहे है. ड्रैगन फ्रूट्स को लेकर अतुल की कई योजनाएं हैं जिसे वो आने वाले दिनों में पूरा करना चाहते हैं.

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Dragon Fruit Farming: यूपी के शाहजहांपुर का एक किसान लोगों की प्रेरणा का स्त्रोत बना हुआ है. कंप्यूटर साइंस से स्नातक एक शख्स ने बंजर भूमि में ड्रैगन फ्रूट्स की खेती शुरू की, जो देखते ही देखते लहलहा उठी. अब आलम यह है कि कई दूसरे किसान भी अपनी जमीन पर ड्रैगन फ्रूट्स की खेती कर रहे हैं. बता दें, इस किसान का नाम अतुल मिश्रा है, अतुल ने कंप्यूटर इंजीनियरिंग से ग्रेजुएट हैं. डिग्री की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने किसानी चुना. अतुल आज अपने खेतों में ड्रैगन फ्रूट्स की खेती करते हैं.

पढ़ाई के बाद चुना किसानी: अतुल का कहना है कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वो मोटी तनख्वाह वाली जॉब की ओर ध्यान न देकर अपने गांव और गांव के लोगों के लिए कुछ नई चीज करने की सोची. इसी कड़ी में उन्होंने इंटरनेट से ड्रैगन फ्रूट की खेती के बारे में पढ़ा. मिश्रा ने बताया कि उन्होंने 2018 में महाराष्ट्र के सोलापुर से ड्रैगन फ्रूट का पौधा ले आए. उस पिताया से उन्होंने अपनी बंजर जमीन पर ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की.

कामयाबी के बाद बढ़ाई खेती: अतुल मिश्रा ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट की खेती में कामयाबी मिलने के बाद वो पांच एकड़ जमीन पर खेती कर रहे हैं. अतुल मिश्रा का कहना है कि अगली सीजन में वो अपने परिवार की 7 एकड़ बंजर जमीन पर भी ड्रैगन फ्रूट की खेती करेंगे. अतुल ने बताया कि अपकी पारिवारिक जमीन पर पहले उन्होंने गेहूं की खेती की, लेकिन गेहूं की खेती बेचकर जो पैसा मिलता था उससे लागत तक नहीं निकल पाती थी.

अतुल अपने खेत पर सिर्फ ड्रैगन फ्रूट्स नहीं उगा रहा हैं. बल्कि वो बिहार, मध्य प्रदेश और हरियाणा समेत कई और राज्यों के किसानों को इसके पौधे भी बेच रहे हैं. साथ ही इसकी खेती करने के तरीके से भी लोगों को रूबरू करा रहे हैं. अतुल चाहते है कि प्रदेश में ड्रैगन फ्रूट की खेती को और विकसित किया जाये. वो इसे कृषि पर्यटन के रूप में विकसित करने की सोच रहे हैं. इसके लिए वो सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करना चाहते हैं.

रंग ला रही है अतुल की मेहनत: अतुल की मेहनत रंग लाने लगी है. कई लोग ड्रैगन फ्रूट्स की खेती को लेकर जागरूक होने लगे हैं. पीटीआई-भाषा के मुताबिक, जिले में एक कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा, जिसमें किसानों को ड्रैगन फ्रूट की फसल, लागत, बाजार समेत कई और बातों की जानकारी दी जाएगी.

भाषा इनपुट के साथ

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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