Yaariyan 2 Movie Review: भाई बहन के रिश्ते की कहानी यारियां 2… एंटरटेनमेंट के मामले में रह गयी है औसत

Yaariyan 2 Movie Review: दिव्या खोंसला कुमार और मीजान जाफ़री स्टारर यारियां 2 आज सिनेमाघरों में रिलीज हुई. रिश्तों की यह कहानी यहां भी बहन और भाइयों के ज़रिये कही गई है. भाई और बहन के रिश्तों पर यूं भी कम फ़िल्में बनती हैं, यह म्यूजिकल फ़िल्म अलग कोशिश करती है.
फ़िल्म – यारियां 2
निर्माता-टी सीरीज
निर्देशक- राधिका राव और विनय साप्रू
कलाकार- दिव्या खोंसला कुमार, मीजान जाफ़री, पर्ल वी पुरी, अनस्वरा राज, यश दासगुप्ता, मुरली शर्मा और अन्य
प्लेटफार्म – सिनेमाघर
रेटिंग- ढाई
2014 में रिलीज़ हुई टी सीरीज बैनर की फ़िल्म यारियां की यह फ़िल्म सीक्वल कहकर प्रचारित की जा रही है, लेकिन असल में यह फ़िल्म 2014 में ही रिलीज़ हुई मलयालम की सफ़लतम फ़िल्म बैंगलोर डायरीज का हिन्दी रिमेक है. रिश्तों की यह कहानी यहां भी बहन और भाइयों के ज़रिये कही गई है. भाई और बहन के रिश्तों पर यूं भी कम फ़िल्में बनती हैं, यह म्यूजिकल फ़िल्म अलग कोशिश करती है. विषय अलग भले हो लेकिन उसके साथ फ़िल्म का स्क्रीनप्ले और संवाद न्याय नहीं कर पाया है. इनके बजाय सेट्स, लोकेशन और किरदारों के कॉस्ट्यूम पर ज़्यादा मेहनत हो गई है, जिस वह से रिश्तों की यह यारियाँ औसत बनकर रह गई है.
फ़िल्म की कहानी तीन कजिंस लाड़ली (दिव्या), शिखर (मीजान) और बजरंग (पर्ल) की है, जो शिमला से हैं लेकिन तीनों की क़िस्मत उन्हें मुंबई ले आयी है. लाड़ली की शादी मुंबई में हुई है. इस शादी में सबकुछ है बस प्यार नहीं. शिखर एक बाइक रेसर है, लेकिन बाइक रेसिंग में उसे प्रतिबंधित कर दिया और पिता ने अपने प्यार से. वह भी परिवार से दूर मुंबई में सुकून तलाशने पहुंच जाता है और बजरंग की कॉर्पोरेट नौकरी मुंबई में है. वह भी दिल टूटने के दर्द से जूझ रहा है. कैसे यह तीनों एक दूसरे का सपोर्ट सिस्टम बनकर एक दूसरे की ज़िंदगी सुलझाते हैं,यही आगे की कहानी है.
फ़िल्म की कहानी की बात करें तो फ़िल्म मुख्य कहानी पर आने में काफ़ी समय लेती है, सेकेंड हाफ में फ़िल्म असल कहानी पर आती है, जिस वजह से फ़िल्म का फर्स्ट हाफ कमज़ोर रह गया है. तीनों कजिंस की यह कहानी है, लेकिन फ़िल्म के स्क्रीनप्ले में दिव्या के किरदार और बाद में मीजान के किरदार को ज़्यादा महत्व दिया गया है. पर्ल की कहानी को उतना स्पेस नहीं मिला है ,जितनी ज़रूरत थी. कई बार कहानी एक दूसरे में उलझती भी दिखती है, जो स्क्रीनप्ले की कमज़ोरी है. स्क्रीनप्ले में तीनों कजिंस की बाण्डिंग कैसे इतनी गहरी बनी है, इस पर फोकस नहीं किया गया है. स्क्रीनप्ले में इस बात पर फोकस करने की ज़रूरत थी. फ़िल्म सेकेंड हाफ में रफ़्तार पकड़ती है, दो क्लाइमेक्स शुरुआत में कहानी में हाई पॉइंट भी जोड़ते हैं, लेकिन आख़िर में वह प्रभावी ढंग से पर्दे पर नहीं आ पाते हैं. फ़िल्म कई जगहों पर फ़िल्मी हो गई है. फ़िल्म देखते हुए आपको इसकी लंबाई भी अखरती है. फ़िल्म के गीत संगीत अच्छा बन पड़ा है. ऊंची ऊंची दीवारें और बेवफ़ा तू इसमें याद रह जाता है. फ़िल्म का बैकग्राऊंड म्यूजिक भी अच्छा बन पड़ा है. फ़िल्म का कैमरावर्क भी अच्छा है. संवाद पर काम करने की ज़रूरत थी.
अभिनय की बात करें तो यह फ़िल्म टी सीरीज़ बैनर की है, तो कहानी का चेहरा भी दिव्या खोंसला कुमार ही होंगी. कहानी का आधार भले ही वो हों, लेकिन उनका अभिनय फ़िल्म को वो आधार नहीं दे पाया है ,जो उसकी ज़रूरत थी. उनकी कोशिश उनकी पिछली फ़िल्मों के मुक़ाबले अच्छी है, लेकिन उन्हें अपने अभिनय पर और काम करने की ज़रूरत है. इससे इनकार नहीं किया जा सकता है. मीजान जाफ़री का अभिनय ज़रूर प्रभावित करता है. पर्ल वी पुरी ने अपने इस डेब्यू फ़िल्म में अपने किरदार के साथ बखूबी न्याय करते हैं. यश दासगुप्ता और अनस्वरा का अभिनय भी अच्छा है. मुरली शर्मा और भाग्यश्री अपने अभिनय से फ़िल्म में अलग रंग भरते हैं. बाक़ी के किरदार भी अपनी -अपनी भूमिका में जंचे हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By आशीष लता
आशीष लता हिंदी डिजिटल मीडिया की अनुभवी पत्रकार और कंटेंट स्ट्रेटेजिस्ट हैं. पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री में उन्हें 8 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है. फिलहाल वह प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर और एंटरटेनमेंट हेड के तौर पर काम कर रही हैं. यहां वह बॉलीवुड, टेलीविजन, ओटीटी, वेब सीरीज, बॉक्स ऑफिस, सेलिब्रिटी इंटरव्यू, एंटरटेनमेंट ट्रेंड्स और प्रीमियम डिजिटल कंटेंट पर फोकस करती हैं.
एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म हमेशा से उनकी सबसे पसंदीदा बीट रही है. फिल्मों से लेकर टीवी, ओटीटी और सेलिब्रिटी वर्ल्ड तक, हर बड़ी और छोटी अपडेट पर उनकी पैनी नजर रहती है. उन्होंने बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की थ्रोबैक स्टोरीज, BTS (Behind The Scenes) अपडेट्स, सेलिब्रिटी लाइफस्टाइल, वायरल मोमेंट्स, वेब सीरीज रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स और एक्सक्लूसिव एंटरटेनमेंट स्टोरीज पर लगातार काम किया है. ट्रेंडिंग टॉपिक्स को ऑडियंस की पसंद के साथ जोड़कर आसान और दिलचस्प अंदाज में पेश करना उनकी सबसे बड़ी ताकत है. उनकी राइटिंग में फैक्ट्स, इनसाइट्स और एंटरटेनमेंट का ऐसा बैलेंस देखने को मिलता है, जो यूजर्स को सिर्फ जानकारी ही नहीं देता, बल्कि उन्हें आखिर तक पढ़ने के लिए भी जोड़े रखता है.
पत्रकारिता अनुभव
पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने प्लस न्यूज से की, जहां बिहार में एंकर और रिपोर्टर के रूप में काम करते हुए कई महत्वपूर्ण ग्राउंड रिपोर्ट्स तैयार कीं. फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने कई वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के इंटरव्यू भी किए. इसके बाद उन्होंने एबीपी न्यूज और ईटीवी भारत जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी अलग-अलग भूमिकाओं में अपनी सेवाएं दीं.
शिक्षा
आशीष लता ने पटना विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. फैक्ट-बेस्ड रिपोर्टिंग, रिसर्च और जर्नलिज्म के 5Ws + 1H सिद्धांतों पर उनकी मजबूत पकड़ है. यही वजह है कि उनका कंटेंट भरोसेमंद, संतुलित और पाठकों के लिए उपयोगी माना जाता है.
संपर्क : ashish.lata@prabhatkhabar.in
Loading Review Hub...
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










